डूंगरवाला जोहड़ में सफाई करते हुए पोकलेन।
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चरखी दादरी। शहर में दशकों से उपेक्षा का शिकार बना डूंगरवाला जोहड़ की अब कायाकल्प होती नजर आ रही है। जिला उपायुक्त के सख्त आदेश के बाद जनस्वास्थ्य विभाग ने इस ऐतिहासिक जल स्रोत का जीर्णोद्धार शुरू कर दिया है। वर्षों से गाद और गंदगी के कारण सिकुड़ चुका यह जोहड़ अब न केवल अपनी खोई हुई पहचान वापस पाएगा बल्कि शहरवासियों के लिए जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान भी बनेगा।
जानकारी अनुसार सदर थाने के पीछे बना डूंगरवाला जोहड़ मूल रूप से पांच एकड़ के विशाल क्षेत्र में फैला हुआ था। हालांकि, समय के साथ देखभाल के अभाव में इसमें भारी मात्रा में गाद जमा हो गई। इससे इसकी जल संचयन क्षमता घटकर मात्र तीन एकड़ तक सीमित रह गई थी। इस सिकुड़न का सबसे बुरा प्रभाव मानसून के दौरान देखने को मिलता था। जोहड़ की क्षमता कम होने से यह बारिश के शुरुआती दौर में ही ओवरफ्लो हो जाता था। इसके कारण शहर का प्रमुख रेलवे रोड बाजार हर साल जलभराव की चपेट में आ जाता था। पानी निकासी की उचित व्यवस्था न होने से सड़कें तालाब बन जाती थीं जिससे स्थानीय व्यापारियों का कारोबार कई-कई दिनों तक पूरी तरह ठप रहता था। आम नागरिकों का आवागमन दूभर हो जाता था और आर्थिक रूप से स्थानीय व्यवसाय को बड़ा नुकसान उठाना पड़ता था। इस गंभीर समस्या को गंभीरता से लेते हुए जिला उपायुक्त मनदीप कौर ने मामले का संज्ञान लिया। उन्होंने संबंधित विभागों को जोहड़ की सफाई और इसके पुनरुद्धार के स्पष्ट निर्देश दिए। उपायुक्त ने न केवल सफाई कार्य शुरू करवाया, बल्कि वे निरंतर इस पूरे प्रोजेक्ट की प्रगति की समीक्षा कर रही हैं और समय-समय पर संबंधित अधिकारियों से फीडबैक भी ले रही हैं। फिलहाल जनस्वास्थ्य विभाग की देखरेख में जोहड़ की सफाई का कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है। पोकलेन मशीनों और जेसीबी की मदद से जोहड़ से वर्षों पुरानी जमी गाद और मलबे को बाहर निकाला जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, इस सफाई अभियान के पूर्ण होने के बाद जोहड़ की क्षमता वापस अपने मूल स्वरूप यानी पांच एकड़ तक बढ़ जाएगी।
अब 50 फीट गहरा होगा जोहड़
इस जीर्णोद्धार की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी इसकी गहराई को बढ़ाना है। पहले इस जोहड़ की गहराई महज 20 फीट तक थी जिससे इसमें जल धारण करने की सीमित क्षमता थी। अब इसे वैज्ञानिक तरीके से गहरा करते हुए 40 फीट तक किया जा रहा है। अधिक गहराई होने से अब यह जोहड़ मानसून के भारी पानी को भी आसानी से समाहित कर पाएगा।
वर्सन:
जिला उपायुक्त के आदेश के बाद डूंगरवाला जोहड़ की तह तक सफाई करवाने के लिए पोकलेन और जेसीबी लगाई गई है। जोहड़ की सफाई होने के बाद इसकी क्षमता पहले से दूगनी होने की संभावना है। जिसके बाद शहर में होने वाले जलभराव की समस्या का स्थाई हो जाएगा।- सोहनलाल, एक्सईएन, जनस्वास्थ्य विभाग।