फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Charkhi Dadri News: लोहरवाड़ा माइनर की सफाई नहीं होने से टेल तक नहीं पहुंच रहा नहरी पानी

Tue, 04 Aug 2026 01:09 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
विज्ञापन
लोहरवाड़ा माइनर में जमी गाद व उगी खरपतवार। 
विज्ञापन
चरखी दादरी। सिंचाई के लिए बनाई गई लोहरवाड़ा माइनर की लंबे समय से सफाई नहीं होने के कारण हजारों एकड़ कृषि भूमि तक नहरी पानी नहीं पहुंच पा रहा है। माइनर में गाद, झाड़ियां और खरपतवार जमा होने से पानी का प्रवाह बाधित हो गया है जिसके चलते टेल क्षेत्र के किसानों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। किसानों ने जिला प्रशासन और सिंचाई विभाग से तत्काल माइनर की सफाई करवाने की मांग उठाई है।
विज्ञापन


गांव रावलधी स्थित लोहारू कैनाल से निकलने वाली लोहरवाड़ा माइनर के माध्यम से गांव रावलधी, समसपुर, खातीवास, लोहरवाड़ा और भागवी के किसानों की कृषि भूमि की सिंचाई होती है। इस माइनर पर करीब तीन हजार एकड़ से अधिक कृषि भूमि निर्भर है लेकिन लंबे समय से सफाई नहीं होने के कारण पानी बीच रास्ते में ही रुक जाता है और अंतिम छोर तक नहीं पहुंच पाता। इससे धान, बाजरा, कपास, ग्वार तथा अन्य खरीफ फसलों की सिंचाई प्रभावित हो रही है।

किसानों का कहना है कि माइनर में कई स्थानों पर घनी खरपतवार उग आई है तथा गाद की मोटी परत जमने से पानी का बहाव बेहद धीमा हो गया है। स्थिति यह है कि हेड क्षेत्र के किसानों को तो किसी तरह पानी मिल जाता है लेकिन टेल क्षेत्र के खेत सूखे पड़े हैं। पर्याप्त वर्षा नहीं होने के कारण किसान पहले ही मौसम की मार झेल रहे हैं और अब नहरी पानी भी समय पर उपलब्ध नहीं हो रहा जिससे फसलों के खराब होने की आशंका बढ़ गई है।
विज्ञापन


ग्रामीणों ने बताया कि सिंचाई विभाग द्वारा समय-समय पर माइनरों की सफाई कराई जानी चाहिए ताकि पानी बिना किसी बाधा के अंतिम छोर तक पहुंच सके। लेकिन लंबे समय से लोहरवाड़ा माइनर की सफाई नहीं कराई गई है। इसके चलते जगह-जगह गंदगी, मिट्टी और खरपतवार जमा हो गई है। यदि शीघ्र सफाई नहीं कराई गई तो किसानों को निजी ट्यूबवेल और डीजल पंप के सहारे सिंचाई करनी पड़ेगी जिससे उनकी लागत में भारी वृद्धि होगी।


खेती करने वाले किसान पहले ही बढ़ती लागत, महंगे बीज, उर्वरक और बिजली संबंधी समस्याओं से जूझ रहे हैं। ऐसे समय में नहरी पानी की नियमित आपूर्ति ही किसानों के लिए सबसे बड़ा सहारा होती है। यदि माइनर की सफाई समय पर कर दी जाए तो हजारों एकड़ भूमि की सिंचाई सुचारु रूप से हो सकती है जिससे किसानों को अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं उठाना पड़ेगा।
- जयदीप किसान


माइनर का पानी टेल तक नहीं पहुंचने के कारण 5 एकड़ जमीन पर लगाई बाजरा की फसल में पानी नहीं पहुंचने के कारण मुरझाने लगी है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों को चाहिए कि वो लोहरवाड़ा माइनर का निरीक्षण कर युद्ध स्तर पर सफाई करवाने का अभियान चलवाएं ताकि किसानों को राहत की सांस मिल सके।
- सुखवीर सिंह, किसान


पहले ही मानसून की बारिश नहीं होने से किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें बनी हुई हैं वहीं पिछली बार भी लोहारू कैनाल में भी कम पानी छोड़ा गया था। लेकिन इस बार माइनर में खरपतवार और गाद होने से टेल तक पानी पहुंचना असंभव लग रहा है। अगर समय रहते माइनर की सफाई नहीं करवाई तो खरीफ फसलों के उत्पादन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका बनी हुई है।
- धर्मपाल, किसान


हमारी टीमें लगातार माइनरों की सफाई करती रहती हैं, जल्दी ही अगर लोहरवाड़ा माइनर का निरीक्षण करने के लिए अधिकारियों को भेजा जाएगा। अगर सफाई करवाने की जरूरत पाई गई तो जल्द ही विशेष अभियान चला माइनर की सफाई करवाई जाएगी।
विज्ञापन

- सतेंद्र सांगवान, एक्सईएन, सिंचाई विभाग।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें