मुख्यमंत्री ने सबसे पहले गैलेरी में मौजूद पुलिसकर्मियों को बाहर जाने का आदेश दिया। उन्होंने कहा कि यहां आए सभी फरियादी उनके मित्र हैं और उन्हें पुलिस सुरक्षा की जरूरत नहीं है। 10ः45 पर मुख्यमंत्री ने जनसंवाद कार्यक्रम शुरू किया।
जन स्वास्थ्य विभाग से संबंधित शिकायतों की सुनवाई करते हुए उन्होंने कहा कि दादरी शहर में सीवरेज लाइनों से संबधित कार्य को मंजूरी दे दी गई है। जन स्वास्थ्य विभाग इन प्रोजेक्ट का ले-आउट व एस्टीमेट आदि तैयार करवाकर शीघ्र चंडीगढ़ भिजवा दे। गांधी नगर निवासी मोहित शर्मा की शिकायत सुनते हुए जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधीक्षण अभियंता को मुख्यमंत्री ने ये आदेश दिए।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने इस खुले दरबार को दो भागों में विभाजित कर दिया। प्रथम खंड में मुख्यमंत्री ने स्वयं और पांडाल में बनाए गए दूसरे खंड में कृषि एवं पशुपालन मंत्री जेपी दलाल ने जनशिकायतों को सुना और उनका समाधान करवाया। दादरी जिला की समस्याओं की सुनवाई करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि यह सरकार की ओर से छठा जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया है।
सरकार ने आठ साल पहले ही सीएम विंडो व अन्य सोशल मीडिया के पोर्टल बनाकर शिकायतों पर कार्रवाई करनी शुरू की थी। जिन पर 13 लाख से अधिक शिकायतें दर्ज की गई थीं और उनको इस बात का संतोष है कि ऑनलाइन पोर्टल की 90 प्रतिशत समस्याओं को हल कर लिया गया है। अब सीधे जनता से संवाद के कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
दादरी में मुख्यमंत्री ने मंच पर आते ही सभी बैरिकेड हटवा दिए और डीसी प्रीति को मंच की बजाय नीचे कुर्सियां लगवाने का आदेश दिया। इसके बाद मुख्यमंत्री मनोहर लाल, डॉ. कमल गुप्ता, विधायक सोमबीर सांगवान और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों के लिए नीचे कुर्सी रखवाई गई और वहां बैठकर मुख्यमंत्री ने जनसमस्याएं सुनीं।
दरबार में पहली शिकायत गांधी नगर के नगर पार्षद ने दूषित पानी की निकासी से संबधित रखी। इस पर मुख्यमंत्री ने अस्थायी व्यवस्था कर पानी को निकालने के आदेश दिए। उन्होंने कहा कि सात दिन में गांधी नगर कॉलोनी का पानी निकलना चाहिए, उसके लिए चाहे कितनी भी विभाग को मोटरें लगवानी पड़े। इस कालोनी के समीप समसपुर गांव में मनरेगा स्कीम के अंतर्गत पंचायती भूमि पर जोहड़ खुदवाकर पानी को वहां डंप करवाया जाए। उन्होंने कहा कि सीसीआई परिसर में जमा हुए पानी को शीघ्र वहां से निकाला जाए।
वार्ड तीन से नगर पार्षद बबीता के स्थान पर उसके पति शिकायत देने आए तो मुख्यमंत्री ने उसको वापस भेज दिया और कहा कि पार्षद स्वयं यह शिकायत लेकर आए। इसी प्रकार अपनी शिकायत लेकर नगर परिषद चेयरमैन को भी सीएम के सामने पेश होना पड़ा। चेयरमैन बक्शीराम सैनी ने स्थानीय घिकाड़ा रोड पर घरों के ऊपर से गुजर रही बिजली की 132 केवी लाइन हटवाने का अनुरोध किया। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि मोनोपोल लगाकर इस लाइन को और ऊंचा कर दिया जाए।
ये मेरा छठां जनसंवाद कार्यक्रम है। इसमें सबसे अधिक शिकायतें जन स्वास्थ्य विभाग से संबंधित आईं। ज्यादातर शिकायतों का मौके पर समाधान करवा दिया है जबकि कुछ का चंडीगढ़ करवाया जाएगा। काकड़ोली हुक्मी निवासी सुखबीर ने मेरे समक्ष ज्वाइनिंग अटकने की समस्या रखी और दो दिन के अंदर उसकी ज्वाइनिंग कराने का आदेश दे दिया है।