बुधराम की चचेरी बहन ससुराल से भाइयों को राखी बांधने रविवार शाम आई थी मायके अचीना
दो बार कॉल करने के बाद भी भाई बुधराम से बबीता की नहीं हो पाई बात
18-19 अगस्त की रात हत्या का अंदेशा, पोस्टमार्टम के लिए रोहतक पीजीआई भेजा शव
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी/बौंदकलां। अचीना निवासी बुधराम हत्याकांड से हर कोई हैरान है। रक्षाबंधन के दिन सामने आए हत्याकांड के चर्चे दिनभर गांव में रहे। वहीं, भिवानी से भाइयों को राखी बांधने मायके अचीना आई बबीता ने बुधराम को राखी बांधने के लिए थाली सजाई, लेकिन सांसें थम जाने के चलते बुधराम की कलाई सूनी रह गई। चचेरी बहन बबीता राखी बांधने के लिए घर पर उसका इंतजार करती रही, लेकिन उसका शव घर पहुंचा।
बुधराम इकलौती संतान था। बचपन में ही उसके पिता चिरंजीलाल की मौत हो चुकी थी जबकि मां की मौत उसे हत्याकांड में सजा होने के बाद हुई। अब परिवार में बुधराम अकेला बचा था। चाचा मांगेराम के घर उसका आना-जाना था। वह पहले चाचा के बेटे महेंद्र के साथ रहता था। इधर, छह माह से वह खेत में बने मकान में रह रहा था।
बुधराम के परिजनों ने बताया कि 16 अगस्त को वह नौकरी की बात करने गुरुग्राम गया था। वहां से 18 अगस्त की शाम लौटा था। घटनास्थल का जायजा लेने और शव की जांच के बाद पुलिस ने अंदेशा जताया कि बुधराम की हत्या 18-19 अगस्त की रात हुई है। उसके चचेरे भाई महेंद्र को हत्याकांड का पता 19 अगस्त की शाम करीब साढ़े छह बजे चला। इसके बाद सूचना पाकर मौके पर पहुंची अचीना ताल चौकी पुलिस और एफएसएल टीम ने घटनास्थल का जायजा लिया।
- कांवड़ के लिए रुपये देने से मना करने पर की थी ताई की हत्या
सिविल अस्पताल पहुंचे बुधराम के परिवार वालों ने बताया कि वर्ष 2007 में बुधराम ने ताई लाली की हत्या की थी। उस दौरान उसने ताई से हरिद्वार जाकर कांवड़ लाने के लिए रुपये मांगे थे। उसकी ताई लाली के इन्कार करने पर उसने कुल्हाड़ी से वार कर हत्या कर दी थी। इसके बाद उसे सजा हुई थी। सजा काटकर वह दो साल पहले बाहर आया था।
- एक माह पहले हुए विवाद के चलते चचेरे भाई ने जताया शक
बुधराम के चचेरे भाई महेंद्र ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि करीब एक माह पहले बुधराम की कहासुनी हुई थी। इसके अलावा उसका किसी से कोई झगड़ा नहीं था। महेंद्र का कहना है कि पूर्व में हुए झगड़े को भी पुलिस जेहन में रखकर मामले की जांच करे। ताकि, कोई पहलू न छूटे और हत्यारोपी जल्द से जल्द पकड़ में आ सकें।
- सात एकड़ में से अब बची थी पौना एकड़ जमीन
बुधराम के परिवार वालों ने बताया कि इकलौती संतान होने के चलते बुधराम के हिस्से सात एकड़ जमीन आती थी। वह शराब पीने का आदी था। उसने जमीन बेचने से आए पैसे यूं ही उड़ा दिए। अब उसके पास करीब पौना एकड़ जमीन बची थी। उसमें उसने घर भी बनाया हुआ था।
- दो गोली चलीं, तीन कारतूस मिले
अचीना ताल चौकी पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लिया। जांच के दौरान पुलिस टीम को वहां दो खोल और तीन कारतूस मिले। कयास लगाए जा रहे हैं कि मौका-ए-वारदात पर दो गोलियां चलाई गईं। इनमें से एक गोली कान के पास लगने से बुधराम की मौत हो गई। उसके परिवार वालों को हत्याकांड का पता कई घंटे बाद चला।
वर्सन:
इस संबंध में पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर लिया है। हर पहलू को ध्यान में रखते हुए हत्याकांड की जांच की जाएगी। जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी अनुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
-सन्नी, पीएसआई एवं प्रभारी, अचीना चौकी
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बुधराम (फाइल फोटो)। स्रोत : परिजन
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शव रोहतक ले जाने से पहले दादरी सिविल अस्पताल में मौजूद बुधराम के परिजन। संवाद
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घटनास्थल पर पहुंचकर जांच करती पुलिस टीम। संवाद