नप कार्यालय के सामने नारेबाजी करते सफाई कर्मचारी। संवाद
- फोटो : शिलान्यास के दौरान पूजन करते विधायक सुरेश्वर सिंह।
चरखी दादरी। नगर परिषद के सफाई कर्मचारी रविवार को दसवें दिन भी हड़ताल पर रहे। शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठप होने के कारण हालात और बिगड़ गए हैं। रविवार को गुस्साए कर्मचारियों ने झाड़ू हाथों में लेकर सफाई करने के बजाय सड़कों पर कचरा बिखेरकर विरोध जताया।
सुबह नगर परिषद कार्यालय में इकट्ठा हुए कर्मचारियों ने झाड़ू हाथ में लेकर रोष मार्च निकाला। प्रदर्शन नगर परिषद कार्यालय से बस स्टैंड रोड, रेलवे रोड और तहसील रोड होते हुए वापस कार्यालय तक गया। इस दौरान कर्मचारियों ने प्रशासन और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और अपनी मांगों को जल्द पूरा करने की चेतावनी दी। सफाई कर्मचारियों ने कहा कि कई बार अधिकारियों को समस्याओं से अवगत कराया गया लेकिन कोई समाधान नहीं निकाला गया।
जगह-जगह लगे कचरे के ढेर
हड़ताल के चलते शहर में सफाई व्यवस्था चरमरा गई है। मुख्य बाजारों, कॉलोनियों और गलियों में जगह-जगह कचरे के ढेर लगे हैं। नगर परिषद क्षेत्र में करीब 350 टन कचरा जमा हो चुका है जिससे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। गर्मी बढ़ने के साथ कचरे से दुर्गंध फैल रही है और बीमारियों का खतरा भी बढ़ने लगा है।
196 कर्मचारी हड़ताल में शामिल
सफाई कर्मचारियों के अनुसार करीब 196 कर्मचारी इस हड़ताल में शामिल हैं। कर्मचारियों ने बताया कि जब तक उनकी मांगों के लिए सकारात्मक फैसला नहीं लिया जाता तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि सोमवार को कर्मचारियों की बैठक होगी जिसमें आंदोलन की आगामी रणनीति और हड़ताल को आगे जारी रखने या तेज करने को लेकर फैसला लिया जाएगा।
लोगों ने लगाई समाधान की गुहार
स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कई दिनों से कचरा नहीं उठने के कारण हालात लगातार खराब होते जा रहे हैं। बाजारों और रिहायशी क्षेत्रों में गंदगी फैलने से लोगों का घरों से निकलना भी मुश्किल हो रहा है। वहीं दुकानदारों का कहना है कि कचरे और बदबू के कारण ग्राहकों की आवाजाही पर भी असर पड़ रहा है।
मांगों के लेकर 10 दिन से हड़ताल जारी है लेकिन सरकार कर्मचारियों की अनदेखी कर रही है। अब सोमवार को आगे की रणनीति बनाई जाएगी। - सूरज, इकाई प्रधान, सफाई कर्मचारी संघ।