चरखी दादरी। दो पेड़ों को काटने की मंजूरी न मिलने से झोझूकलां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बनने वाली ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट (बीपीएचयू) परियोजना अटकी है। सीएचसी में इसके निर्माण पर 50 लाख का बजट खर्च होना है और काम शुरू कराने के लिए जिला स्वास्थ्य विभाग को वन विभाग से स्वीकृति मिलने का इंतजार है। दूसरी ओर परियोजना लटकने से करीब 20,000 की आबादी सुविधा से वंचित है।
ग्रामीण क्षेत्रों की स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए स्वास्थ्य विभाग ने दो सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में बीपीएचयू बनाने की योजना तैयार की थी। दोनों सीएचसी में एक करोड़ की लागत से बनने वाली बीपीएचयू से करीब 40,000 की आबादी को फायदा होगा। वहीं, बौंदकलां सीएचसी में बीपीएचयू का निर्माण जारी है जबकि झोझूकलां सीएचसी में अब तक काम शुरू नहीं हो पाया है।
परियोजना में हो रही देरी का पता लगाने पर सामने आया कि झोझूकलां सीएचसी में बीपीएचयू निर्माण के लिए चिह्नित जगह पर दो पेड़ हैं और उनके कटने के बाद ही निर्माण कार्य का रास्ता साफ होगा। वन विभाग से पेड़ों को काटने की मंजूरी लेने के लिए जिला स्वास्थ्य विभाग ने करीब तीन माह पहले पत्राचार किया था। इसके बाद रिमाइंडर भी भेजा गया है, लेकिन अब तक स्वीकृति नहीं मिल पाई है। अनुमति मिलने के बाद ही झोझू कलां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट बनाने का कार्य शुरू हो पाएगा।
एक करोड़ से बनेंगी दो बीपीएचयू
बौंद कलां और झोझू कलां में ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट बनाने पर करीब एक करोड़ रुपये खर्च आएगा। जिला स्वास्थ्य विभाग को दोनों केंद्रों में बीपीएचयू भवन बनाने के लिए 50-50 लाख का बजट मिल चुका है। इसके अलावा यहां मशीनों समेत अन्य संसाधन मुहैया कराने के लिए अलग से बजट मिलेगा।
प्रतिदिन 250 रहती है दोनों केंद्रों की ओपीडी
झोझू कलां और बौंद कलां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर प्रतिदिन करीब 250 से अधिक मरीज उपचार कराने पहुंचते हैं। पीएचसी स्तर से ऊपर की स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लेने के लिए मरीजों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तक आना पड़ता है। दोनों सीएचसी में बीपीएचयू बनने का लाभ करीब 30 से अधिक गांवों के मरीजों को मिलेगा।
अतिरिक्त लैब और स्टाफ की तैनाती का मिलेगा लाभ
सीएचसी में खुलने वाली बीपीएचयू में बाकायदा लैब भी बनेगी और यहां सीएचसी के अलावा अन्य स्टाफ भी तैनात किया जाएगा। लैब में मरीज सभी प्रकार के टेस्ट करवा सकेंगे। वहीं, सीएचसी पर उपचार या टेस्ट कराने के लिए पहुंचने वाले लोगों को बारी आने तक लंबा इंतजार भी नहीं करना पड़ेगा। वहीं, मरीज न होने पर आपातकालीन केस में भी सीएचसी स्टाफ का बीपीएचयू स्टाफ सहयोग करेगा।
बौंद कलां सीएचसी में बीपीएचयू निर्माण कार्य जारी है जबकि झोझू कलां में पेड़ों को काटने की स्वीकृति न मिलने के चलते काम शुरू नहीं हो पाया है। पत्राचार के बाद वन विभाग को रिमाइंडर भेज चुके हैं। स्वीकृति मिलते ही झोझू कलां में भी बीपीएचयू निर्माण कार्य शुरू करवा दिया जाएगा।
डॉ. संजय गुप्ता, डिप्टी सीएमओ, जिला स्वास्थ्य विभाग, चरखी दादरी।