चरखी दादरी। लंबे इंतजार के बाद वीरवार से दादरी मंडी में गेहूं की सरकारी खरीद शुरू हो गई है। पहले ही दिन दादरी मंडी में किसानों से दस हजार क्विंटल गेहूं खरीदा गया। इसके अलावा बाढड़ा मंडी में भी करीब एक हजार क्विंटल गेहूं की खरीद की गई है। खरीद एजेंसी अधिकारियों का कहना है कि अब गेहूं खरीद सुचारू रूप से चलेगी और प्रयास रहेगा कि शुक्रवार से सभी आठों केंद्रों पर गेहूं की खरीद की जाए।
दादरी और बाढड़ा अनाज मंडी में पिछले एक सप्ताह से गेहूं की आवक हो रही है, लेकिन खरीद शुरू नहीं हो पाई थी। बाढड़ा मंडी में बुधवार को गेहूं की खरीद शुरू हुई और पहले दिन करीब 2036 क्विंटल गेहूं खरीदा गया। दूसरे दिन बाढड़ा मंडी की स्थिति देखे तो एक हजार क्विंटल गेहूं की खरीद हुई। अब खरीद शुरू होने पर किसानों के साथ आढ़तियों को भी राहत मिली है।
अब तक दादरी अनाज मंडी में 543 किसान टोकन कटवाकर करीब 29 हजार क्विंटल गेहूं आढ़तियों के पास रख चुके हैं। पहले दिन 250 किसानों का 10 हजार क्विंटल गेहूं खरीदा गया। बाढड़ा मंडी में अब तक 8747 क्विंटल गेहूं की आवक हुई है और इसमें से करीब तीन हजार क्विंटल गेहूं की खरीद हो चुकी है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार वीरवार को अनाज मंडी में 129 किसान 6372 क्विंटल गेहूं लेकर पहुंचे।
- ये हैं जिले में सरसों और गेहूं के खरीद केंद्र
दादरी जिले में सरसों खरीद बाढड़ा और दादरी मंडी में होगी। गेहूं खरीद के लिए आठ केंद्र बनाए गए हैं जिनमें दादरी व बाढड़ा मंडी, झोझूकलां, छपार, कादमा, बेरला, बौंदकलां व रानीला शामिल हैं।
- अब तक मंडी में पहुंची 35 हजार क्विंटल सरसों
दूसरी ओर सरसों खरीद की बात करे तो वीरवार तक मंडी में 35 हजार क्विंटल सरसों की आवक हो चुकी है। सरकारी एजेंसियों ने 19576 क्विंटल सरसों की सरकारी खरीद की है। वहीं, ई-नेम पोर्टल के माध्यम से भी किसानों ने 8,432 क्विंटल सरसों बेची है।
- सरसों का उठान कार्य हुआ शुरू, 8 हजार क्विंटल पहुंची गोदाम तक
अनाज मंडी में भीड़ कम करने के लिए सरकारी एजेंसियां सरसों की लगातार लिफ्टिंग करवाकर गोदामों में भेजने का काम कर रही हैं। एजेंसी ने अब तक कल 8 हजार क्विंटल सरसों का उठान करवा गोदामों पर पहुंचा दी है।
दादरी और बाढड़ा मंडी में वीरवार को 11 हजार क्विंटल गेहूं की खरीद हुई है। सरसों खरीद और उठान का कार्य सुचारू रूप से चल रहा है। किसानों को किसी प्रकार की समस्या नहीं आने दी जाएगी।
-संदीप देशवाल, मैनेजर, हैफेड