चरखी दादरी। पिछले पांच महीनों से शहर के दोनों सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) पूर्ण रूप से ठप पड़े हैं। अभी नजदीकी समय में एसटीपी शुरू होने की उम्मीद नजर नहीं आ रही। अगर जल्द एसटीपी ठीक नहीं हुए तो मानसून में दादरी शहर में कई जगहों पर जलभराव हो सकता है। शुक्रवार को पार्षदों ने समसपुर एसटीपी का जायजा लिया और वहां की अव्यवस्थाओं को लेकर रोष जताया।
सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का निरीक्षण करने के बाद पार्षदाें ने बताया कि 30 हार्स पॉवर की एक मोटर है जिसकी पानी उठान की क्षमता बहुत कम है। इसके अलावा एसटीपी तक दूषित पानी पहुंचाने के लिए बनाए गए प्वाइंटों पर 60 से 120 हॉर्स पॉवर की मोटरें लगी हैं। मोटर की क्षमता कम होने से एसटीपी पर बनाए गए अलग-अलग तीनों कुएं ओवरफ्लो हैं और पानी रास्ते पर भरा है। पार्षदों ने बताया कि सोमवार को उपायुक्त प्रीति को एक ज्ञापन सौंपा जाएगा। इसके बाद भी कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो अगला निर्णय लिया जाएगा।
- प्रतिदिन होता था एक करोड़ लीटर पानी ट्रीट
शहर के दूषित पानी को ट्रीट करने के लिए समसपुर और चिड़िया रोड पर दो सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाए हुए हैं। वर्तमान में ये दोनों ही प्लांट बंद पड़े हैं। इन ट्रीटमेंट प्लांटों पर शहर का दूषित पानी जाता था और वहां उस पानी को ट्रीट (उपचारित) किया जाता था। पहले प्रतिदिन करीब एक करोड़ लीटर पानी यहां उपचारित होता था। अब ऐसा नहीं हो पा रहा है और इसका असर शहर में नजर आ रहा है।
पानी में डूबी समसपुर एसटीपी की मोटरें
पार्षदों ने बताया कि शुक्रवार को उन्होंने समसपुर एसटीपी का जायजा लिया। इस दौरान एसटीपी पर बनाए गए तीनों कुएं ओवरफ्लो मिले और इसके चलते रास्ते पर पानी भरा मिला। इसके अलावा 60-60 हॉर्स पॉवर की दो मोटर कुओं में डूबी मिलीं। वहां पर एक कर्मचारी तैनात मिला जबकि जेनरेटर भी खराब मिला।
मोटर की क्षमता बहुत कम, सीवर हो जाते हैं ओवरफ्लो
पार्षदों ने बताया कि शहर के दूषित पानी को एसटीपी तक पहुंचाने के लिए तिकोणा पार्क, ढाणी फाटक, पुल के पास तथा सीसीआई कॉलोनी आदि में प्वाइंट बनाए हैं। तिकोणा पार्क प्वाइंट पर 120 हॉर्स पॉवर और अन्य चार प्वाइंटों पर 20-20 हॉर्स पॉवर की मोटरें लगी हैं। उन्होंने बताया कि एसटीपी समसपुर पर मात्र एक 30 हॉर्स पॉवर की मोटर चलती है, जो पानी को आगे खेतों में भेजती है लेकिन उस मोटर की क्षमता बहुत कम है। इस वजह से आगे पानी उतनी मात्रा में नहीं जा रहा जितना जाना चाहिए। मोटर की क्षमता कम होने की वजह से विभाग प्वाइंटों की मोटरों को बंद कर देते हैं जिससे सीवर ओवरफ्लो हो जाते हैं। इन सब कारणों के चलते मानसून में शहर में कई जगहों पर जलभराव हो सकता है।
छह महीने से एस्टीमेट की फाइल नहीं हो रही पास
विभागीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार समसपुर एसटीपी लगभग 64 करोड़ रुपये से और चिड़िया एसटीपी 8 करोड़ रुपये से दोबारा बनाए जाएंगे। समसपुर एसटीपी की एस्टीमेट फाइल छह महीनों से बार-बार भेजी जा रही है लेकिन हर बार आपत्ति लगकर वापस आ जाती है। अब यह फाइल फिर भेजी गई है। वर्तमान में इस एसटीपी की क्षमता 05 एमएलडी है जिसको बढ़ाकर 7.5 एमएलडी किया जाएगा। इसके अलावा चिड़िया एसटीपी का टेंडर ओपन हो चुके हैं तथा वर्क अलॉट करने के लिए हेड ऑफिस की औपचारिकता बाकी है।
- शुक्रवार को ये पहुंचे एसटीपी पर
पार्षद जयसिंह लांबा, पार्षद प्रतिनिधि नरेंद्र दहिया, पार्षद प्रतिनिधि जितेंद्र, पार्षद नवीन, पार्षद सुधीर स्वामी, पार्षद विनोद, पार्षद सतबीर चौहान, पार्षद प्रतिनिधि सत्यवान पहल, पार्षद मनोज वर्मा, पार्षद नवीन बिंदल आदि शुक्रवार को एसटीपी पर पहुंचे।
एसटीपी के लिए एस्टीमेट फाइल मुख्यालय भेजी जा चुकी है। वहां से स्वीकृति मिलते ही काम शुरू करवा देंगे। मानसून सीजन में व्यवस्था बनाने का हरसंभव प्रयास किया जा रहा है।
-बीके जावला, जेई, जनस्वास्थ्य विभाग, चरखी दादरी।