फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Charkhi Dadri News: कक्षा पहली से तीसरी व छठी का पाठ्यक्रम बदला, विद्यालयों में देरी से पहुंचेंगी किताबें

Wed, 09 Apr 2025 01:08 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
विज्ञापन
विज्ञापन
चरखी दादरी। शिक्षा विभाग की ओर से कक्षा पहली से तीसरी और छठी का पाठ्यक्रम बदला गया है। इससे विद्यार्थियों को कौशल आधारित शिक्षा दी जाएगी और उन्हें स्वावलंबी बनने में मदद मिलेगी। इसके चलते स्कूलों में किताबें पहुंचने में देरी हो रही है।
विज्ञापन

दरअसल, नई शिक्षा नीति 2020 के तहत विभाग विद्यार्थियों में कौशल विकास करने के उद्देश्य से पाठ्यक्रम में बदलाव कर रहा है। ऐसे में विभाग ने कक्षा पहली, दूसरी, तीसरी और छठी के पाठ्यक्रम में बदलाव किया है। पहले केवल शिक्षा आधारित पाठ्यक्रम था और अब इसमें परीक्षण संबंधी पाठ्यक्रम लागू किया गया है।
इसमें व्यावसायिक शिक्षा, कला शिक्षा, व्यावहारिक शिक्षा आदि तीन मुख्य बिंदु रहेंगे। इनके माध्यम से विद्यार्थी अपना कौशल निखार सकेंगे और आगामी समय में अपना कॅरिअर निर्माण के लिए सही विषय और संकाय का चयन कर पाएंगे। फिलहाल विभाग की ओर से इस सत्र से तीन भाषायी फॉर्मूला लागू लिया गया है।
विज्ञापन

इसमें कक्षा छठी से 9वीं तक विभाग ने तीन भाषाओं में से एक भाषा अनिवार्य की है। कक्षा छठी से आठवीं तक विभाग की ओर से संस्कृत भाषा अनिवार्य चल रही है, लेकिन अब विभाग ने इसके अलावा उर्दू, पंजाबी व संस्कृत में से एक भाषा चयन का विकल्प दिया है। अगले सत्र से विभाग की ओर से कक्षा 10वीं में भी यह फॉर्मूला लागू किया जाएगा।
इससे विद्यार्थी तीन भाषाओं में पारंगत होंगे और इसका लाभ उन्हें अनुवाद करने में मिलेगा। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस बदलाव से विद्यार्थियों का समग्र विकास होगा और उनकी समझ में वृद्धि होगी। विद्यालयों में किताबों की देरी से पहुँचने की समस्या पर शिक्षा अधिकारियों ने कहा कि वे इस मुद्दे को जल्द हल करेंगे और विद्यार्थियों की पढ़ाई में कोई व्यवधान नहीं आने देंगे। विद्यार्थियों चिंता करने की आवश्यकता नहीं है।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें