- बीएलओ पर्यवेक्षकों, ईआरओ और एईआरओ को भी मिलेगा संशोधित मानदेय
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। बूथ लेवल अधिकारियों के वार्षिक पारिश्रमिक को दोगुना किया गया है। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त मुनीश शर्मा ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मतदाता सूची लोकतंत्र की आधारशिला होती है। इसकी शुद्धता सुनिश्चित करने में निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, बीएलओ पर्यवेक्षक और बूथ लेवल अधिकारी की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
ये अधिकारी चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष, पारदर्शी और सटीक बनाए रखने के लिए जमीनी स्तर पर अथक मेहनत करते हैं। उन्होंने बताया कि आयोग ने बूथ लेवल अधिकारियों बीएलओ के वार्षिक पारिश्रमिक को 6 हजार रुपये से बढ़ाकर 12 हजार रुपये, मतदाता सूची के पुनरीक्षण कार्य में भाग लेने वाले बीएलओ को मिलने वाली प्रोत्साहन राशि को 1 हजार से बढ़ाकर 2 हजार रुपये, बीएलओ पर्यवेक्षकों के पारिश्रमिक में भी संशोधन करते हुए 12 हजार रुपये से बढ़ाकर 18 हजार रुपये वार्षिक कर दिया गया है।
इसी प्रकार, पहली बार आयोग ने निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों और सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों के लिए भी मानदेय निर्धारित किया है। इसमें ईआरओ को 30 हजार रुपये और एईआरओ को 25 हजार रुपये दिए जाएंगे। यह संशोधन वर्ष 2015 के बाद पहली बार किया गया है।
उपायुक्त ने बताया कि यह निर्णय निर्वाचन आयोग की उन चुनाव कमियों को पर्याप्त मुआवजा देने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है जो सटीक मतदाता सूची बनाए रखने, मतदाताओं की सहायता करने और चुनावी प्रक्रिया को मजबूत करने के लिए क्षेत्र स्तर पर अथक परिश्रम करते हैं।