चरखी दादरी। संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से आयोजित भारत बंद का आह्वान का असर जिले में बिलकुल नहीं रहा। इस दौरान जिले के सभी बाजार खुले रहे। बस सेवा के अलावा अन्य कार्यालयों में कर्मचारी काम करते नजर आए। रोडवेज में केवल 39 कर्मचारी ही हड़ताल में शामिल होने से सभी लंबी व स्थानीय बस सेवाएं सामान्य की तरह चालू रहीं। हालांकि अन्य बस डिपो की बसें कम आने से कुछ यात्रियों को घंटों तक परेशानियां का सामना करना पड़ा।
सर्वकर्मचारी संघ, संयुक्त किसान मोर्चा के अलावा अन्य संगठन पिछले कई दिनों से जिले में भारत बंद के लिए प्रचार-प्रसार में जुटे थे। जिले के रोडवेज डिपो में कुल 478 कर्मचारी चालक, परिचालक और अन्य पदों पर तैनात हैं। इनमें से केवल 25 चालक, परिचालकों के साथ 14 अन्य कर्मचारी हड़ताल में शामिल हुए। हड़ताल में कर्मचारियों की संख्या कम होने के कारण रोडवेज अपनी सभी 119 बसों का संचालन कर पाया।
रोडवेज डिपो में झज्जर, भिवानी के अलावा अन्य रूटों से बसें न आने के कारण यात्रियों को घंटों तक इंतजार करना पड़ा। सर्व कर्मचारी महासंघ चेयरमैन रणबीर गहलोत, हरियाणा रोडवेज कर्मचारी महासंघ सचिव कृष्ण ऊण, डिपो प्रधान अरविंद सांगवान, महासंघ प्रधान राजेश मकड़ानी, इंटक राज्य उपप्रधान सतेंद्र सहरावत, पवन पैंतावास, रणबीर, सुरेंद्र, राजबीर दादरी आदि हड़ताल में शामिल रहे। उन्होंने धरना भी दिया। कहा कि सरकार की गलत नितियों के खिलाफ उनका संघर्ष लगातार जारी रहेगा।
बंद का नहीं दिखा असर, सामान्य रहा कामकाज
चरखी दादरी। राष्ट्रव्यापी हड़ताल का जिले में शुक्रवार को कोई असर नहीं रहा। किसान संगठन सुबह से ही मोरवाला टोल प्लाजा पर पहुंच गए और टोल फ्री करवा दिया। हालांकि बाजारों में सामान्य दिनों की तरह कामकाज होता रहा।
बाजारों में सामान्य रहा कामकाज
प्रस्तावित हड़ताल का बाजारों पर कोई असर नहीं दिखा। बाजार आम दिनों की तरह खुली। बाजारों में अच्छी चहल पहल रही।
विभागों में कर्मचारी हड़ताल पर
सर्व कर्मचारी संघ की तरफ से हड़ताल का समर्थन किया गया था। ऐसे में दूसरे संगठनों से जुड़े कर्मचारी हड़ताल से दूर नजर आए। वे कार्यालय में अपने कामकाज निपटाते रहे।
सफाई व्यवस्था
नगर परिषद में सफाई कर्मचारी हड़ताल पर रहे। लेकिन सफाई का ठेका एजेंसी के पास होने से वार्डों में घर-घर से कचरा उठाने के लिए ऑटो टिप्पर चलते नजर आए।