बाढड़ा। भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के पदाधिकारियों ने बैठक की। इसमें रबी सीजन की बिजाई के समय डीएपी खाद न मिलने और बिजली निगम में एसडीओ का पद खाली होने पर अंसतोष जताया गया। लंबित नलकूप कनेक्शन जारी न करने पर किसान नेताओं ने नाराजगी जताई। किसान नेताओं ने मांगें पूरी न होने पर सोमवार से एसडीएम कार्यालय के बाहर धरना शुरू करने की घोषणा की है।
भाकियू अध्यक्ष भाकियू अध्यक्ष हरपाल भांडवा की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में किसानों ने सरकार की ओर से सुध न लेने पर रोष जताया। भाकियू महासचिव ओमप्रकाश उमरवास ने कहा कि पिछले माह क्षेत्र में वर्षा ने किसानों की ग्वार, बाजरा और कपास को पूरी तरह बर्बाद कर दिया। इससे उत्पादन में गिरावट आई है। किसानों के लिए बड़ा नुकसान हुआ है। जिला प्रशासन को स्पेशल गिरदावरी करवा किसानों को मुआवजा दिलवाना चाहिए। उन्होंने कहा कि मुआवजे में देरी बरती जा रही है जिससे किसानों के सामने खाद-बीज का संकट हो गया है। किसानों ने वर्षा से प्रभावित कपास, ग्वार और बाजरा की बर्बाद हुई फसलों के नुकसान की भरपाई के लिए मुआवजे की भी मांग की। बैठक में इंद्रजीत सिंह, पूर्व सरपंच गिरधारी, वेदप्रकाश, कमल सिंह, भूप सिंह दलाल, रामअवतार, सत्यवीर, राधेश्याम, सत्यपाल आदि रहे।
अवैध खनन और जलदोहन के विरोध में धरना
झोझूकलां। अवैध खनन और जल दोहन के विरोध में गांव रामलवास में ग्रामीणों का बेमियादी धरना शुक्रवार को भी जारी रहा। धरने में महिलाओं ने भी शिरकत की। लोगों ने नारेबाजी कर मांगों को पूरा करने की मांग की। ग्रामीण दिलबाग, रामरतन, रोशनलाल, शीशराम, छोटूराम ने बताया कि गांव के पहाड़ी क्षेत्र में अवैध खनन हो रहा है। तय मानक से अधिक गहराई तक खनन करने के कारण जल का भी दोहन किया जा रहा है। इससे भूमिगत जलस्तर गिर रहा है। पानी की गुणवत्ता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि इस पर शीघ्र रोक न लगने पर ग्रामीणों को पेयजल संकट से जूझना पड़ेगा।