चरखी दादरी। बार एसोसिएशन के चुनाव को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई हैं। प्रधान पद के लिए चार प्रत्याशी मैदान में हैं। 11 सितंबर को मतदान होना है। चुनाव की तारीख नजदीक आते ही प्रत्याशियों ने जनसंपर्क अभियान तेज कर दिया है। वोट हासिल करने के लिए अधिवक्ताओं के चेंबरों से लेकर उनके घरों तक संपर्क साधा जा रहा है।
प्रत्याशी व्यक्तिगत मुलाकात कर अधिवक्ताओं से अपने पक्ष में मतदान की अपील कर रहे हैं। इसके साथ ही अपने-अपने घोषणा पत्र सामने रखकर बार से जुड़ी समस्याओं के समाधान और अधिवक्ताओं के हित में काम करने का भरोसा दिया जा रहा है। चुनाव प्रचार में प्रत्याशी अपनी प्राथमिकताओं और भविष्य की कार्ययोजना को प्रमुखता से रख रहे हैं। बार परिसर में भी चुनाव को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।
अधिवक्ताओं के चेंबरों में प्रत्याशियों की आवाजाही बढ़ने के साथ चुनावी समीकरण पर भी चर्चा हो रही है। कौन प्रत्याशी कितना मजबूत है और किसे अधिक समर्थन मिल रहा है, इसे लेकर अधिवक्ताओं के बीच अलग-अलग कयास लगाए जा रहे हैं। हालांकि चुनाव परिणाम मतदान के बाद ही स्पष्ट होगा।
घोषणा पत्रों में बार की समस्याओं पर जोर
प्रधान पद के प्रत्याशियों ने अधिवक्ताओं के सामने अपने घोषणा पत्र रखे हैं। इनमें बार से संबंधित समस्याओं को उठाने, सुविधाओं में सुधार कराने और अधिवक्ताओं की मांगों को संबंधित अधिकारियों के समक्ष प्रभावी तरीके से रखने का भरोसा दिया जा रहा है। प्रत्याशी अपने अनुभव और कार्ययोजना के आधार पर वोटरों को अपने पक्ष में करने का प्रयास कर रहे हैं।
चार प्रत्याशियों के बीच कड़ा मुकाबला
चुनाव में चार प्रत्याशी होने के कारण मुकाबला रोचक हो गया है। सभी प्रत्याशी अधिक से अधिक अधिवक्ताओं से संपर्क कर अपना समर्थन मजबूत करने में जुटे हैं। सुबह से शाम तक चेंबरों में मुलाकातों का सिलसिला चल रहा है। कई प्रत्याशी व्यक्तिगत संपर्क को प्राथमिकता दे रहे हैं जबकि कुछ अधिवक्ताओं के समूहों के बीच पहुंचकर अपनी बात रख रहे हैं।
मतदान से तय होगा फैसला
चुनाव प्रचार के लिए अब कुछ ही दिन शेष हैं। ऐसे में प्रत्याशियों ने प्रचार अभियान को तेज कर दिया है। 11 सितंबर को मतदान के बाद ही यह तय होगा कि अधिवक्ता प्रधान पद की जिम्मेदारी किसे सौंपते हैं। फिलहाल चारों प्रत्याशी अपने-अपने स्तर पर समर्थन जुटाने में लगे हैं और चुनावी माहौल लगातार गर्म होता जा रहा है।