चरखी दादरी। जिले में दादरी हलके से सर्वाधिक चुनाव लड़ने का रिकॉर्ड बंसीलाल के बुलडोजर ( पूर्व कैबिनेट मंत्री सतपाल सांगवान) के नाम है। सतपाल सांगवान ने अपने राजनीतिक सफर में छह बार चुनाव लड़ा और इनमें से दो बार वो जीत दर्ज कर विधानसभा पहुंचे। उनके इस रिकॉर्ड की अगले चुनाव में भी बराबरी नहीं हो पाएगी।
अब तक हुए 13 विधानसभा चुनाव में सबसे अधिक छह बार चुनाव सतपाल सांगवान ने दादरी हलके से चुनाव लड़ा है। वर्ष 2019 का अंतिम चुनाव उन्होंने जजपा प्रत्याशी के तौर पर लड़ा और वो दूसरे नंबर पर रहे। इस बार उनके बेटे सुनील सांगवान भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं और सुनील सांगवान का यह पहला विधानसभा चुनाव है।
सतपाल सांगवान के राजनीतिक सफर की बात करें तो वो वर्ष 1996 व 2009 में विधायक चुने गए। सतपाल सांगवान ने 1996 में हरियाणा विकास परिषद के टिकट पर पहला चुनाव लड़ा। इसमें उन्होंने 33,690 वोट प्राप्त कर जीत हासिल की। इसके बाद वर्ष 2000 में हरियाणा विकास परिषद व 2005 में निर्दलीय चुनाव लड़ा, लेकिन जीत हासिल नहीं कर पाए। वर्ष 2009 में हरियाणा जनहित कांग्रेस (भजनलाल) पार्टी से चुनाव लड़ा और 27,790 मत लेकर जीत हासिल की। इसके बाद वर्ष 2014 में कांग्रेस व 2019 का चुनाव जजेपी के टिकट पर लड़ा, लेकिन दोनों चुनाव हार गए।
पांच चुनाव लड़कर तीन बार विधानसभा पहुंचे हुकम सिंह
पूर्व मुख्यमंत्री हुकम सिंह व पूर्व विधायक जगजीत ने पांच- पांच बार चुनाव लड़े। इसमें से हुकम सिंह को तीन बार व जगजीत को एक बार जीत मिली। हुकम सिंह ने वर्ष 1977 में जनता पार्टी से चुनाव लड़ा और 14,449 मत लेकर जीत हासिल की। 1982 और 1987 में लोकदल से चुनाव लड़कर हुकम सिंह ने जीत हासिल की। वर्ष 1991 के चुनाव में वो निर्दलीय व 1996 में सपा से टिकट लेकर मैदान में उतरे, लेकिन जीत नहीं कर पाए। वहीं, जगजीत ने साल 1982, 1987, 1991, 1996 व 2000 में चुनाव लड़ा और अंतिम चुनाव में वो जीत हासिल कर विधायक बने।
चार चुनाव लड़ तीन बार विधानसभा पहुंचे गणपतराय
पूर्व विधायक गणपतराय ने साल 1967, 1968, 1972, 1977 में चुनाव लड़ा। इसमें पहले दो चुनाव कांग्रेस पार्टी की ओर से लड़े और दोनों में जीत हासिल की। इसके बाद तीसरा चुनाव एनसीओ पार्टी से लड़कर विधायक चुने गए। साल 1977 के चुनाव में हुकम सिंह से वो हार गए और अपना राजनीतिक सफर रोक दिया।