संवाद न्यूज एजेंसी
बाढड़ा। नगर पालिका का दर्जा भंग होने के बाद बाढड़ा के ग्रामीणों ने मतदान से 13 दिन पहले ही सर्वसम्मति से ग्राम पंचायत चुन ली है। नामांकन वापसी के अंतिम दिन सोमवार को सरपंच पद से तीन प्रत्याशियों ने जबकि दो वार्डाें में पंच पद से दो ने अपना फार्म वापस ले लिया। इसके बाद पूरी पंचायत की तस्वीर साफ हो गई।
ग्रामीणों की आपसी एकजुटता व ग्रामीण विकास के प्रति संकल्प की भावना के चलते सरपंच व पंच के 18 पदों पर एक-एक प्रत्याशी शेष रह गया जबकि एक जून तक सरपंच पद पर चार उम्मीदवार थे। दो वार्डाें में पंच के पद पर दो-दो उम्मीदवार सामने थे।
नामांकन वापसी के अंतिम दिन पंच पद से दो और सरपंच पद से तीन उम्मीदवारों ने नामांकन वापस ले लिया। इसके बाद एसडीएम आशीष सांगवान की मौजूदगी में सभी निर्विरोध विजेताओं को जीत का प्रमाणपत्र जारी किया गया।
बाढड़ा ग्राम पंचायत को वर्ष 2021 में नगर पालिका का दर्जा दिया गया था। बाद में ग्रामीणों के विरोध करने पर सरकार ने जनमत संग्रह कराया। फिर मतदान के आधार पर अप्रैल 2023 में नगर पालिका का दर्जा भंग कर दिया। उसके बाद अब जाकर पहली बार ग्राम पंचायत चुनी गई है।
मार्च 2025 में चुनाव आयोग ने तीसरी बार वार्डबंदी व अलग-अलग वार्डों की मतदाता सूची तैयार करवाई थी। व्यापार मंडल के पूर्व अध्यक्ष रामकिशन फौजी, पंचायत समिति के पूर्व चैयरमैन भल्लेराम बाढड़ा, समाजसेवी रामकुमार, पूर्व सरपंच विजेंद्र उर्फ ढिल्लू, पूर्व सरपंच राकेश बाढड़ा, पूर्व वाइस चेयरमैन संदीप सांगवान, पूर्व चेयरमैन प्रतिनिधि सुनील शर्मा आदि मौजूद रहे।