चरखी दादरी। नीति आयोग की रिपोर्ट में पिछड़ी श्रेणी में शामिल जिले के बाढ़ड़ा खंड ने जल दोहन रिपोर्ट में उल्लेखनीय सुधार किया है।
इस खंड में जल दोहन घटकर 100 प्रतिशत पहुंच गया है। मार्च 2023 की रिपोर्ट में यह आंकड़ा 237 प्रतिशत था। इसी प्रकार खुले में शौच मुक्ति (ओडीएफ) का आंकड़ा 29 प्रतिशत था जो सितंबर 2024 की रिपोर्ट में 100 प्रतिशत हो गया है। उम्मीद है कि अगले दो साल में इस खंड पर लगा पिछड़ी श्रेणी का ठप्पा हट जाएगा।
मिट्टी जांच व पशु टीकाकरण का लक्ष्य भी 100 प्रतिशत पूरा कर लिया गया है। जल दोहन सबसे बड़ी समस्या रही है। नीति आयोग की टीम ने जब से बाढड़ा खंड में काम शुरू किया है तब इस पर सबसे ज्यादा ध्यान दिया गया। इस क्षेत्र में भूमिगत जल स्तर 450 फीट नीचे तक है।
नीति आयोग की टीम ने जल दोहन रोकने के लिए किसानों को फसल विविधिकरण के प्रति जागरूक किया। सूक्ष्म सिंचाई पर बल दिया। अमृत सरोवर योजना के तहत काम किया, तब जाकर जल दोहन 237 से 100 प्रतिशत तक पहुंचा है। नीति आयोग की टीम ने कचरा प्रबंधन, हर घर व सार्वजनिक स्थानों पर शौचालयों का निर्माण करवाया। घरों से निकलने वाले दूषित पानी के निस्तारण के लिए गड्ढों का निर्माण किया।नीति आयोग की टीम इस क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग के सात, आंगनबाड़ी के सात, शिक्षा विभाग के 11, कृषि के दो, पशुपालन के एक संकेतक पर भी काम कर रही है। जल संरक्षण के लिए टीम जागरूकता बैठक भी कर रही है।
पिछड़ी श्रेणी से बाहर निकालने के लिए उठाए गए ये कदम : बाढड़ा समेत सातों ब्लॉक को मुख्य धारा में लाने के लिए काम किया जा रहा है। थिंक टैंक के रूप में आकांक्षी ब्लॉक फेलो अधिकारी तैनात किया गया, जिन्हें तमाम बिंदुओं का गहनता से ज्ञान है। ये ब्लॉक फेलो धरातल पर काम कर रहे हैं। नीति आयोग की रिपोर्ट में प्रदेश भर के इन सात ब्लॉक में बाढड़ा, बहल, लोहारू, पुन्हाना, नूंह आदि शामिल हैं।