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Charkhi Dadri News: जांच रिपोर्ट पर बबीता फौगाट ने जताई असहमति, कमेटी सदस्य पर लगाया हाथ से रिपोर्ट छीनने का आरोप

Tue, 25 Apr 2023 10:55 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
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पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक की ओर से किया ट्वीट।
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चरखी दादरी। महिला पहलवानों के यौन शोषण मामले में पूर्व अंतरराष्ट्रीय महिला पहलवान एवं भाजपा नेत्री बबीता फौगाट ने चौंकाने वाला बयान दिया है। बबीता ने कहा कि मामले की जांच के लिए गठित की गई कमेटी की रिपोर्ट से वो असंतुष्ट हैं और उन्होंने आपत्ति के साथ रिपोर्ट सौंप दी है। वहीं, बबीता ने जांच कमेटी सदस्य एवं स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया की सदस्य राधिका श्रीमन पर हाथ से रिपोर्ट छीनने और बदतमीजी करने का भी आरोप लगाया।
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बता दें कि मामले की जांच के लिए गठित की गई छह सदस्यीय कमेटी की बबीता फौगाट भी सदस्य हैं। वो विनेश फौगाट की चचेरी बहन हैं। पिछले तीन दिनों से यौन शोषण मामले को लेकर दोबारा से देश के पहलवान जंतर-मंतर पर डेरा डाले हुए हैं। मंगलवार को बबीता फौगाट इस मसले पर चुप्पी तोड़कर खुलकर बोलीं। हालांकि उन्होंने जांच रिपोर्ट की कमियां तो उजागर नहीं की, लेकिन रिपोर्ट पर असहमति जरूर जताई। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट में एक सदस्य के तौर पर उन्होंने असहमति दर्ज करवाई है।
बबीता फौगाट ने कहा कि कमेटी सदस्य होने के नाते उनकी भी गरिमा है और राधिका श्रीमन ने जिस तरह से रिपोर्ट छीनकर बदतमीजी की, उससे आह्त भी हूं। उन्होंने गरिमा का हवाला देते हुए जांच रिपोर्ट के पहलुओं पर ज्यादा खुलकर बताने से इन्कार कर दिया। वहीं, जंतर-मंतर पर चल रहे धरने पर प्रतिक्रिया देते हुए बबीता फौगाट ने कहा कि धरना करना भी खिलाड़ियों का अधिकार है और वो अपनी लड़ाई लड़ रहे हैं।
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सत्यपाल मलिक ने फिर किया ट्वीट
जंतर-मंतर पर धरना दे रहे पहलवानों के समर्थन में पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने मंगलवार को एक और ट्वीट किया। उन्होंने लिखा कि बेटियों चिंता मत करना, पूरा देश आपके साथ है। मैं खुद आपके धरने पर आऊंगा। विनेश फौगाट ने उनके ट्वीट पर री-ट्वीट किया।

राकेश टिकैत भी आए समर्थन में
किसान नेता राकेश टिकैत ने भी मंगलवार को प्रदर्शन कर रहे खिलाड़ियों के समर्थन में ट्वीट किया। टिकैत ने लिखा कि पदक जीतकर देश का मान-सम्मान और गौरव बढ़ाने वाले गांव की मिट्टी से जुड़े पहलवानों को दोबारा से धरना शुरू करना पड़ गया। पीएमओ इंडिया को संज्ञान लेकर किसान, गांव, गरीब और सर्व समाज के बेटा-बेटियों को न्याय दिलाना चाहिए।
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