चरखी दादरी। गांव घसोला में प्रस्तावित राजकीय मेडिकल कॉलेज के नामकरण पर विवाद बढ़ता जा रहा है। राज्य सरकार की ओर से मेडिकल कॉलेज का नाम स्वतंत्रता सेनानी राव तुलाराम के नाम पर रखने की घोषणा के विरोध में ग्रामीणों और अठगामा खाप ने मोर्चा खोल दिया है। खाप प्रतिनिधियों ने मांग की है कि संस्थान का नाम केवल घसोला मेडिकल कॉलेज चरखी दादरी रखा जाए। ऐसा न होने की स्थिति में बड़े आंदोलन और सर्व-खाप महापंचायत बुलाने की चेतावनी दी गई है।
इस मुद्दे को लेकर रविवार को गांव घसोला में अठगामा खाप की पंचायत आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता खाप प्रधान परमानंद चाहर ने की। पंचायत में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर सरकार से मेडिकल कॉलेज का नाम गांव घसोला के नाम पर रखने की मांग की गई।
पंचायत में मौजूद हरियाणा माइनिंग क्रशर एसोसिएशन के प्रधान सोमबीर घसोला, सरपंच प्रतिनिधि धर्मबीर सिंह और पूर्व प्रधान रणबीर सिंह सहित अन्य वक्ताओं ने कहा कि मेडिकल कॉलेज के निर्माण के लिए गांव के लोगों ने अरबों रुपये मूल्य की भूमि उपलब्ध कराई है। उनका कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से यह परंपरा रही है कि जिस गांव या समुदाय की ओर से किसी बड़े संस्थान के लिए भूमि अथवा विशेष योगदान दिया जाता है तो उसके नाम को संस्थान से जोड़ा जाता है।
ग्रामीणों और खाप नेताओं ने कहा कि उनका विरोध किसी व्यक्ति विशेष या राव तुलाराम के सम्मान के खिलाफ नहीं है। उन्होंने कहा कि राव तुलाराम स्वतंत्रता संग्राम के महानायक हैं और उनके प्रति क्षेत्रवासियों में पूरा सम्मान है लेकिन स्थानीय लोगों के योगदान और भावनाओं का भी सम्मान किया जाना चाहिए।
पंचायत में इस मुद्दे को लेकर गांव और अठगामा खाप की संयुक्त समन्वय समिति का गठन किया गया है। समिति आगामी बुधवार को जिला प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री और राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपेगी। इसके बाद हरियाणा के विभिन्न गांवों और खाप संगठनों से संपर्क कर व्यापक जनसमर्थन जुटाने का अभियान शुरू किया जाएगा।
अठगामा खाप के पूर्व प्रधान रणबीर सिंह, एडवोकेट भूपेंद्र सनवाल और दिनेश गोठड़ा ने कहा कि यदि सरकार ने समय रहते मांग पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो हरियाणा स्तर पर सर्व-खाप महापंचायत आयोजित कर आंदोलन की रूपरेखा तय की जाएगी।