मांगों के लिए शहर में प्रदर्शन करतीं आशा वर्कर्स।
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आशा वर्कर्स ने अपनी मांगों के लिए शहर में प्रदर्शन कर डीआरओ को ज्ञापन साैंपा। ज्ञापन की एक कापी सीएमओ को भी भेजी गई है। इससे पहले आशा वर्कर्स यूनियन सदस्य सुबह शहर के रोज गार्डन में एकत्र हुए। यूनियन प्रधान कमलेश भैरवी व सचिव राजवंती ने कहा कि सरकार उनकी मांगों को अनदेखा कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ने आशा वर्कर्स को आज तक कर्मचारी का दर्जा नहीं दिया है।
यूनियन नेता ने कहा कि वे आठ जनवरी की राष्ट्रव्यापी हड़ताल में शामिल होकर अपना विरोध दर्ज करवाएंगी। उन्होंने कहा कि वे लंबे समय से अपनी मांगों के लिए संघर्षरत हैं, लेकिन सरकार की ओर से उनकी मांगों पर अमल नहीं किया जा रहा है। इसके बाद आशा वर्कर्स एकत्र होकर शहर में जुलूस के रूप में बस स्टैंड रोड, परशुराम चौक, किला मैदान होते हुए लघु सचिवालय पहुंची और उपायुक्त के न मिलने पर डीआरओ सुखबीर सिंह को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में यूनियन सदस्यों ने बताया कि सरकार को 45 और 46वें श्रम कानून को लागू करना चाहिए। उन्हें कर्मचारी का दर्जा मिलना चाहिए। आशा वर्कर्स को कम से कम 21 हजार रुपये वेतन मिलना चाहिए। सभी सामाजिक सुरक्षा और छह हजार पेंशन की सुविधा भी होनी चाहिए। प्रोत्साहन राशि हर माह की 10 तारीख से पहले से उनके बैंक खातों में पहुंचनी चाहिए। उन्होंने ज्ञापन में कहा कि सभी सरकारी अस्पतालों में पर्याप्त चिकित्सक, अल्ट्रासाउंड मशीन व अन्य चिकित्सा सुविधाएं मुहैया करवानी चाहिए, ताकि लोगों को समय पर सही उपचार मिल सके। पीएचसी केंद्रों में आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर की सुविधा होनी चाहिए। उन्हें पीएचसी केंद्रों में बैठने को कुर्सी भी उपलब्ध नहीं हैं। इस दौरान आशा वर्कर्स ने रोष प्रदर्शन किया। आशा वर्कर्स ने आठ जनवरी की हड़ताल में भाग लेने का भी निर्णय लिया है। इस मौके पर यूनियन से सुनीता, सुदेश, रोशनी, बाला देवी, बबीता, कृष्णा देवी, उर्मिला व दर्शना आदि मौजूद रहीं।