चरखी दादरी। गांव कन्हेटी स्थित शहीद महाबीर सिंह राजकीय कन्या स्कूल के 100 से ज्यादा पूर्व विद्यार्थी विभिन्न राजकीय क्षेत्रों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इस स्कूल ने प्रदेश को करीब 30 शिक्षक भी दिए हैं। अब इस स्कूल में शिक्षकों की कमी बनने पर यहां से पढ़-लिखकर शिक्षक बनने वाले ही इसे दूर करने के लिए आगे आए हैं। उन्होंने प्रदेश सरकार के ध्यान न देने पर अपने स्तर पर यहां एक शिक्षक की तैनाती कर दी, जिसे वो चंदा एकत्र कर मासिक वेतन भी दे रहे हैं।
बता दें कि कन्हेटी राजकीय स्कूल को 1979 में अपग्रेड कर मिडिल स्कूल बनाया गया था। सितंबर 2022 से यहां गणित और विज्ञान के शिक्षक नहीं है। शिक्षकों की कमी विभाग दूर नहीं कर पाया और इसे देखते हुए इस स्कूल से पासआउट और प्रदेश के विभिन्न राजकीय स्कूलों में तैनात शिक्षक ही आगे आए हैं। उनके गांव के बच्चों को शिक्षकों की कमी न खले इसके लिए उन्होंने मेरा गांव-मेरा गौरव संगठन बनाया। इस संगठन से 12 लोग जुड़े जिनमें एक बीडीसी और 11 शिक्षक शामिल हैं। इसके अलावा सेना से रिटायर्ड अधिकारियों के बच्चे भी संगठन का सहयोग कर रहे हैं।
दरअसल, सितंबर 2022 से कन्हेटी राजकीय स्कूल के करीब 25 विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए गणित और विज्ञान का शिक्षक नहीं है। इसे देखते हुए एमएससी पास अनुराग आगे आया और यहां बिना वेतन के बच्चों को पढ़ाना शुरू किया। गत अप्रैल से संस्था के सदस्य अपने स्तर पर रुपये एकत्र कर अनुराग को वेतन दे रहे हैं। संगठन सदस्यों का कहना है कि ऐसा करके उन्हें बेहद सकारात्मक अनुभव होता है।
- ये हैं संस्था सदस्य
अनुराग की तैनात से लेकर वेतन देने तक की व्यवस्था रिटायर्ड हेडमास्टर संतराम देख रहे हैं। वो संस्था के संरक्षक भी हैं। उनके अलावा संजय शास्त्री, कृष्ण शास्त्री, धर्मेंद्र सिंह, प्रवीन, सुमन, विजय कुमार, सतीश, राजवंती आदि भी इस नेक कार्य के लिए संस्था से जुड़कर सहयोग कर रहे हैं।
- प्ले स्कूल और लाइब्रेरी खोलने को भी तैयार
संगठन से जुड़े शिक्षकों का कहना है कि वो चाहते हैं गांव के राजकीय स्कूल की सेवाओं में और विस्तार हो। इसके लिए वो यहां लाइब्रेरी खोलने पर भी विचार कर रहे हैं। इसके अलावा यहां प्ले स्कूल की तर्ज पर व्यवस्थाएं करने के लिए भी वो तैयार है, बशर्ते स्टाफ 10 बच्चों को दाखिला के लिए तैयार करें।
कन्हेटी राजकीय स्कूल से पढ़कर हेडमास्टर के पद तक पहुंचा। मेरे जैसे और भी कई हैं इस स्कूल से पढ़कर उच्च पदों तक पहुंचे हैं। हम सभी ने मिलकर संस्था बनाई और संस्था ने गणित व विज्ञान पढ़ाने के लिए एमएससी पास शिक्षक तैनात किया, जिसे गत अप्रैल से मासिक वेतन भी दिया जा रहा है। शिक्षक का वेतन संस्था सदस्य एकत्र करते हैं।
-संतराम, रिटायर्ड हेडमास्टर व कन्हेटी निवासी