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Charkhi Dadri News: खरीद शुरू होने में बचा एक दिन, अनाज मंडी में अव्यवस्थाओं की भरमार

Mon, 30 Sep 2024 02:51 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
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ग्राउंड रिपोर्ट:
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मंडी परिसर में बनी पानी की टंकी पड़ी खाली तो शौचालय पर जड़ा है ताला, लावारिस पशुओं को रोकने और सुरक्षा के प्रबंध भी नहीं पुख्ता
- एक अक्तूबर से शुरू होनी है धान की खरीद, इसके बाद बाजरा की आवक भी होगी शुरू

चरखी दादरी। दादरी अनाज मंडी में धान की खरीद शुरू होने में मात्र एक दिन बचा है। अब तक मार्केट कमेटी के अधिकारियों ने खरीद सीजन के मद्देनजर यहां व्यवस्थाएं दुरुस्त करने की तरफ ध्यान नहीं दिया है। इसका खामियाजा किसानों व मंडी के आढ़तियों को भुगतान पड़ेगा। फिलहाल, मंडी में पानी और बिजली का प्रबंध नहीं है। बदहाल शौचालय पर भी ताला लगा है।
खरीद सीजन के मद्देनजर संवाददाता रविवार को दादरी मंडी पहुंचा। मंडी परिसर का जायजा लेने के बाद आढ़तियों से अव्यवस्थाओं व प्रबंधों की खामियों पर बातचीत की गई। इस पर मंडी के आढ़तियों ने कहा कि यहां चौकीदार तक पर्याप्त नहीं हैं जबकि अधिकारियों ने बिजली-पानी का प्रबंध भी नहीं किया है।
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आढ़तियों का आरोप है कि मार्केट कमेटी के कर्मचारी 10 बैग की फीस लेने पहुंच जाते हैं, लेकिन 20 बैग चोरी होने पर हाथ हिला देते हैं। उन्होंने मार्केट कमेटी प्रशासन से मंडी में किसानों, श्रमिकों और आढ़तियों को मुलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाने की मांग की है।
बता दें कि दादरी मंडी में एक अक्तूबर से धान की खरीद शुरू करने के निर्देश मिले हैं। जबकि उस मुताबिक अभी तक व्यवस्थाएं नहीं हैं। एक दिन पहले ही जिला उपायुक्त राहुल नरवाल ने खरीद सीजन के मद्देनजर मंडी में पुख्ता प्रबंध करने के निर्देश जारी किए थे। जबकि 24 घंटे बाद भी इस पर अमल होता नजर नहीं आया। फिलहाल, मंडी में मूलभूत सुविधाओं की कमी के साथ गंदगी का आलम है।
- पानी की टंकी खाली, शौचालय पड़ बंद
मंडी परिसर में किसानों व श्रमिकों के लिए बनाई गई पानी की टंकी खाली पड़ी है। इतना ही नहीं, शौचालय में भी ताला लगा है। मंडी के मुख्य द्वार के सामने दूषित जलभराव की समस्या है। अधिकतर लाइटें खराब पड़ी हैं।
- गोवंशों की भरमार, हर बार पहुंचाते हैं नुकसान
मंडी परिसर में गोवंश भी काफी हैं। आढ़तियों का कहना है कि हर खरीद सीजन में लावारिस गोवंश काफी अनाज खा जाते हैं। उन्होंने कई बार स्थायी चौकीदार की नियुक्ति की मांग भी की है, लेकिन अभी तक मार्केट कमेटी प्रशासन चौकीदार की नियुक्ति नहीं कर पाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि मंडी के सभी धर्मकांटे खराब चल रहे हैं, किसानों को अपनी फसल का वजन करवाने के लिए बाहर जाना पड़ रहा है।
- हर सीजन में फसल बेचने आते हैं 20 हजार किसान
दक्षिण हरियाणा की एकमात्र तिलहन मंडी में साथ लगते जिलों के किसान भी अपनी फसल बेचने के लिए आते हैं। एक खरीद सीजन में औसतन 20 हजार किसान दादरी मंडी पहुंचते हैं। सरसों और गेहूं खरीद सीजन में किसानों की संख्या 30 हजार पार पहुंच जाती है।

- हर साल होती हैं चोरियां, इंतजाम फिर भी पुख्ता नहीं
मंडी परिसर में पर्याप्त मात्रा में लाइटें नहीं हैं। दूसरी ओर हर सीजन में यहां आढ़तियों के बैग भी चोरी हाेते हैं। पिछले पांच साल की बात करें तो मंडी में पंद्रह से अधिक वारदात हो चुकी हैं। मंडी की दीवारें नीची हैं। चोर गिरोह वहीं से फसल के बैग चोरी कर ले जाता है।

आढ़ती बोले : अंधेरा होते ही शराबियों का अड्डा बन जाती है मंडी
- अंधेरा होने के साथ ही यहां लोग शराब पीने पहुंच जाते हैं। उन्हें कोई नहीं रोकता-टोकता। अगर कोई आढ़ती ऐसा करने की हिम्मत कर दे तो फिर उसे धमकी तक दी जाती है।
-जगमोहन, आढ़ती
- मंडी की सभी शेड के नीचे गंदगी के ढेर लगे हुए हैं। करोड़ों रुपये की लागत से दुकान खरीदने के बाद भी कोई सुविधा नहीं मिल रही है। मंडी में अव्यवस्थाओं का आलम है।
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-संदीप, आढ़ती
वर्सन:
मंडी में चौकीदार की भी तैनाती की गई है। पानी की टंकियों में टैंकर से पानी भरवाया जाता है। फसल बेचने आने वाले किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। आढ़तियों के आरोप बेबुनियाद हैं।

-विद्यासागर देशवाल, सचिव, मार्केट कमेटी


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दादरी अनाज मंडी के मुख्य गेट के सामने भरा दूषित पानी। संवाद
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मंडी परिसर में बने शौचालय में लगा ताला। संवाद
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दादरी मंडी में खाली पड़ी पीने के पानी की टंकी। संवाद
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आढ़तियों की दुकानों के पीछे लगे कचरे के ढेर। संवाद
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मंडी परिसर में घूमते बेसहारा पशु। संवाद
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आढ़ती संदीप।
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आढ़ती जगमोहन।
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