चरखी दादरी। सिटी थाने के सामने 6 अगस्त को फायरिंग की घटना को 6 दिन बीत चुके हैं लेकिन वारदात को अंजाम देने वाले मुख्य शूटर अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। हालांकि पुलिस 7 साजिशकर्ताओं को गिरफ्तार कर चुकी है।
पुलिस की गिरफ्त में आया मुख्य साजिशकर्ता रोहित उर्फ कातिया कबूल कर चुका है कि हमलावरों का निशाना अमित फतेहगढ़िया था। रेकी के दौरान पता चला कि अमित अक्सर स्कॉर्पियो की आगे वाली सीट पर बैठता था।
इसी वजह से वारदात के दिन हमलावरों ने ड्राइवर सीट पर बैठे कृष्ण और कीर्तिमान काजला पर सबसे ज्यादा गोलियां बरसाईं। गाड़ी में सवार अन्य युवकों के पैरों पर गोलियां मारी गईं। गंभीर घायल कीर्तिमान की उपचार के दौरान मौत हो गई।
इस वारदात के बाद रोहित गोदारा गैंग का नाम भी चर्चा में आया। यह गैंग दादरी में पहले भी रंगदारी संबंधी धमकी के मामलों संलिप्त रह चुका है। खुद को नवीन बॉक्सर बताने वाले गैगस्टर ने ऑडियो वायरल कर गोलीबारी की जिम्मेदारी ली थी।
भिवानी के गांव गौरीपुर का रहने वाला नवीन बॉक्सिंग करता था लेकिन बाद में अपराध की राह पकड़ ली। अब वह विदेश में बैठकर गैंग चला रहा है। नवीन सामान्य परिवार का लड़का है। वह स्थानीय स्तर के झगड़ों और रंगदारी के मामलों में शामिल हो गया।
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक जेल में उसकी पहचान रोहित गोदारा गैंग से जुड़े लोगों से हुई। वर्ष 2022 में सीकर के चर्चित राजू ठेहट हत्याकांड के बाद नवीन बॉक्सर का नाम पुलिस की मोस्ट वांटेड सूची में शामिल हुआ।
फरवरी 2026 में दिल्ली में वकील दीपक खत्री की कार पर फायरिंग की जिम्मेदारी भी नवीन ने ली थी। सूत्रों बताते हैं कि नवीन बॉक्सर फर्जी पासपोर्ट के जरिए भारत छोड़कर कनाडा पहुंच गया और वहीं से गैंग की गतिविधियों का संचालन कर रहा है।