- फिलहाल 19 में से 15 एंबुलेंस ही हैं ऑनरोड, चार खराब एंबुलेंस के ठीक होने के बाद भी 4 नई एंबुलेंस की जरूरत
लंबा समय गुजरने के बाद भी एंबुलेंस चालकों व ईएमटी की कमी बरकरार
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। जिला स्वास्थ्य विभाग के पास एंबुलेंस का टोटा बना हुआ है। लंबा समय गुजरने के बाद भी एंबुलेंस, चालकों और ईएमटी की कमी दूर नहीं हुई है। अहम बात यह है कि इस समय विभाग के पास एक भी नियोनेटल (बच्चों की) एंबुलेंस नहीं है।
जिले में सिविल अस्पताल के अलावा मातृ-शिशु अस्पताल, तीन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और 12
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हैं। इन सभी केंद्रों के लिए विभाग को कम से कम 23 एंबुलेंस चाहिए। दूसरी ओर विभाग के पास अलग-अलग श्रेणी की 19 एंबुलेंस हैं। फिलहाल, इनमें से 15 ऑनरोड हैं। चार एंबुलेंस में तकनीकी खराबी के चलते इनका लाभ मरीजों को नहीं मिल पा रहा है। ये चार एंबुलेंस ठीक होने के बाद भी विभाग को चार नई एंबुलेंस की दरकार है।
अहम बात यह है कि जिले में इस समय एक भी नियानेटल एंबुलेंस नहीं है। रेफर किए गए बीमार नवजात को इस एंबुलेंस के जरिये जिले के स्वास्थ्य केंद्र से रोहतक पीजीआई या अन्य जगह ले जाया जा सकता है। साथ ही ठीक हो रहे बच्चों को उनके घरों के सबसे नजदीकी क्लीनिक में एंबुलेंस के जरिये वापस भेजा जा सकता है। इस एंबुलेंस की मांग भेजी जा चुकी है, लेकिन, अब तक पूरी नहीं हुई है। ऐसे में दादरी जिले को पहली नियानेटल एंबुलेंस मिलने का इंतजार है।
- नई एंबुलेंस मिलने के बाद चाहिए 18 चालक और 32 ईएमटी
इस समय जिला स्वास्थ्य विभाग में ईएमटी और चालकों की कमी बनी हुई है। मौजूद संसाधनों के लिहाज से विभाग को 39 ईएमटी चाहिए जबकि 16 ही तैनात हैं। इसी प्रकार, चालकों के 59 पदों में से 47 भरे हैं। चार चालक सीएमओ कार्यालय में दिए गए हैं। ऐसे में एंबुलेंस के लिए फिलहाल 16 चालक कम हैं। वहीं, चार नई एंबुलेंस मिलने के बाद विभाग को 18 नए चालक और 32 ईएमटी चाहिए। तब जाकर इनकी कमी दूर हो पाएगी।
स्वास्थ्य केंद्र पर चाहिए कितनी एंबुलेंस
स्वास्थ्य केंद्र एंबुलेंस संख्या
सिविल अस्पताल-6
सीएचसी-3
पीएचसी-12
एमसीएच- 2
- जिला स्वास्थ्य विभाग के बेड़े में शामिल हैं ये एंबुलेंस
जिला स्वास्थ्य विभाग के पास 3 एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस हैं। इनमें से 2 ऑनरोड हैं। बेसिक लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस 10 हैं। इनमें से 8 ऑनरोड हैं। इसी प्रकार, विभाग के पास 4 पेसेंट्स ट्रांसपोर्ट एंबुलेंस हैं। इनमें से 3 ऑनरोड हैं। विभाग के पास दो किलकारी एंबुलेंस भी हैं। दोनों ऑन रोड हैं। फिलहाल, विभाग को एक नियोनेटल, दो बीएलएस और एक पीटीए एंबुलेंस चाहिए।
वर्सन::
एंबुलेंस, चालकों और ईएमटी की कमी मुख्यालय के संज्ञान में है। जल्द ही खाली पदों को भरने व संसाधनों की कमी दूर करने की कवायद शुरू होगी। नियोनेटल एंबुलेंस की मांग भी हम कर चुके हैं।
-डॉ. अंकुर नागर, डिप्टी सीएमओ एवं नोडल अधिकारी, एंबुलेंस सेवा
फोटो 02
दादरी सिविल अस्पताल में खड़ीं एंबुलेंस। संवाद