चरखी दादरी। जिला स्वास्थ्य विभाग के पास ईएमटी (इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन) की कमी बनी हुई है और इसका खामियाजा दूसरे जिलों में रेफर किए जा रहे मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। रविवार रात इसकी बानगी भी देखने को मिली। हुआ यूं कि सिविल अस्पताल से खेड़ी बत्तर क्रशर जोन में रह रही नेपाल देश निवासी एक गर्भवती महिला को रोहतक पीजीआई रेफर किया गया। बिना ईएमटी के एंबुलेंस के जरिये महिला को रोहतक पीजीआई ले जाया जा रहा था, उसी दौरा सांवड़ पहुंचकर एंबुलेंस खराब हो गई।
इसके बाद एंबुलेंस चालक ने कंट्रोल रूम में इसकी सूचना दी। रात करीब ढाई बजे बौंदकलां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से एक एंबुलेंस और ईएमटी सांवड़ भेजी गई। वहां से महिला को दूसरी एंबुलेंस में शिफ्ट किया गया। जैसे ही एंबुलेंस सांजरवास पहुंची उक्त महिला के प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। इसके बाद ईएमटी जितेंद्र ने एंबुलेंस को साइड में लगवाया और महिला की डिलीवरी करवाई। बताया जा रहा है कि महिला का कद कम होने के कारण डिलीवरी में काफी दिक्कतें भी आई, लेकिन गनीमत रही कि डिलीवरी सकुशल हो गई। इसके बाद जच्चा-बच्चा को बौंदकलां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। फिलहाल दोनों स्वस्थ हैं।
- जरूरत 38 ईएमटी की हैं 14
इस समय जिले में 19 एंबुलेंस हैं। इस लिहाज से दो शिफ्ट के लिए 38 ईएमटी चाहिए, जबकि तैनाती सिर्फ 14 ईएमटी की है। इस लिहाज से 24 ईएमटी की अभी कमी बनी हुई है। ईएमटी की कमी के चलते रात के समय मरीजाें को पीजीआई या अन्य जिला अस्पताल जाते समय दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
- चालकों के भी 32 पद खाली
ईएमटी के साथ जिला स्वास्थ्य विभाग के पास चालकों की कमी भी बनी हुई है। जिले में चालकों के कुल 69 पद स्वीकृत हैं और इनमें से 37 ही भरे हैं। इस समय चालकों के 32 पद खाली हैं और इसके कारण जिले में तैनात चालकों को दो शिफ्ट में भी ड्यूटी करनी पड़ रही है।
जिले में ईएमटी की कमी है। जो ईएमटी हमारे पास हैं, उनसे हरसंभव व्यवस्था बनाने का प्रयास कर रहे हैं। रविवार रात को एंबुलेंस खराब होने के चलते बौंदकलां सीएचसी से दूसरी एंबुलेंस और ईएमटी भेजा गया था। महिला की डिलीवरी ईएमटी ने करवाई और जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ हैं।
-डॉ. अंकुर, नोडल अधिकारी, एंबुलेंस सेवा