चरखी दादरी। उपायुक्त प्रीति के खिलाफ दादरी बंद के दौरान जातिसूचक टिप्पणी करने के मामले में अनुसूचित जाति के लोगों ने एकजुट होकर शहर में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने जातिसूचक टिप्पणी करने वाले मिष्ठान स्वामी अशोक स्वामी के समर्थकों को भी गिरफ्तार करो के नारे लगाए और लघु सचिवालय पहुंचकर नगराधीश रेणुका नांदल को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया गया कि यह टिप्पणी अशोक स्वामी ने राजस्थान में आईएएस के पद पर कार्यरत अपने बेटे के कहने पर की है। इस पहलू पर भी जांच की जाए और इस मामले में सभी अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए।
प्रदर्शन की अगुवाई जसवंत कलियाणा, पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी जेपी सभ्रवाल और एडवोकेट सुनीता गोलपुरिया ने सामूहिक रूप से की। नगराधीश को दिए ज्ञापन में बताया गया है कि 25 जुलाई को जलनिकासी की समस्या के संबंध में एक सार्वजनिक पंचायत व्यापार मंडल की ओर से आयोजित की गई थी, जिसमें शहर की विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के पदाधिकारी भी मौजूद थे। इसी दौरान अशोक स्वामी ने डीसी प्रीति पर जातिसूचक टिप्पणी की। ज्ञापन में बताया गया कि यह टिप्पणी अशोक स्वामी ने राजस्थान में आईएएस के पद पर कार्यरत अपने बेटे के कहने पर की है। इस पहलू पर भी जांच की जाए और इस मामले में सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए। जल्द ऐसा न होने पर दादरी में एक आंदोलन होगा, जिसकी चिंगारी पूरे हरियाणा में फैलेगी।
प्रदर्शन से पहले रोज गॉर्डन में की बैठक
प्रदर्शन से पहले रोज गॉर्डन में अनुसूचित जाति के लोग एकत्र हुए और वहां बैठक की। इसके बाद रोज गार्डन से लघु सचिवालय तक प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन के मद्देनजर पुलिस बल अलर्ट रहा। बता दें कि पुलिस इस मामले में ड्यूटी मजिस्ट्रेट की शिकायत पर एससी-एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज कर आरोपी को जेल भेज चुकी है।
प्रदर्शन में इन्होंने लिया भाग
प्रदर्शन में केदारनाथ सरोहा, मांगेराम टोंडवाल, सोमबीर सिंह, कृष्ण घसोला, डॉ. महासिंह, रामनारायण, रमेश चोपड़ा, कृष्ण तोबड़िया, दिलबाग श्यामपुरा, धर्मवीर चरखी, कैप्टन सुरेश, ओमप्रकाश, सुंदर बिड़लान, एस गोलपुरिया, संजय, शीला देवी, एडवोकेट विजय चौहान आदि मौजूद रहे।