झोझूकलां। सर्वहित साधना न्यास एवं आर्यवीर दल की ओर से जिला संचालक स्वामी सच्चिदानंद के सानिध्य में बादल गांव में समाज, राष्ट्र कल्याण व पर्यावरण शुद्धि यज्ञ यात्रा निकाली गई। यज्ञ यात्रा गांव के मंदिर परिसर से शुरू होकर गांव की हर गली से होते हुए वापस मंदिर में समाप्त की गई।
स्वामी सच्चिदानंद ने कहा कि यज्ञ सनातन वैदिक संस्कृति की आधारशिला है। यज्ञ के तीन अर्थ होते हैं पहला देव पूजा अर्थात जीवित माता पिता और आचार्य की सेवा व जल वायु आकाश, पृथ्वी आदि जड़ पदार्थों को हवि प्रदान करना। दूसरा संगत या परिवार, राष्ट्र, समाज व विश्व को एकता के सूत्र में बांधना। तीसरा दान या बड़ों का सम्मान, बराबर वालों में मित्रता व छोटों को प्यार के साथ अपने पवित्र कमाई से प्राप्त धन को यथाशक्ति दान कर राष्ट्र की रक्षा करना। इसमें ये तीन भाव चरितार्थ होते हैं, उसी का नाम यज्ञ है।
यात्रा के दौरान बच्चों ने वेद की ज्योति जलती रहे, करो योग रहो निरोग, आओ शपथ उठाएं सारे, नशामुक्त हों युवा हमारे आदि नारे लगाए। यात्रा में यजमान कैप्टन सत्यवान, कप्तान धर्मपाल रहे। मास्टर विजयपाल, मास्टर रविंद्र सांगवान, मास्टर अरुण सांगवान, ओमवीर फौजी, अजीत सिंह, पूर्व सरपंच कपूर सिंह, रामस्वरूप, कृष्ण का विशेष योगदान रहा और पूरी यात्रा में वाहन की व्यवस्था नरेंद्र सांगवान ने की। इस मौके पर उमेद सिंह, बिजेंद्र सिंह डूडी, अजीत सिंह, चौकीदार नरेश, ओमवीर मौजूद रहे।