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एयरफोर्स की टीम पहुंची तोता की ढाणी, 43 मिनट तक मकान में की जांच

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जांच के बाद मकान से बाहर आते एयरफोर्स अधिकारी। - फोटो : CharkhiDadri
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खेतों में बने मकान में बैठकर एयरफोर्स (एयरमैन) की परीक्षा का पेपर साल्व कराने के मामले में वीरवार शाम एयरफोर्स की टीम बाढड़ा उपमंडल की तोता की ढाणी गांव में पहुंची। टीम के सदस्य करीब 43 मिनट तक वहां रुके रहे और इस दौरान मकान का निरीक्षण किया गया। टीम के साथ बाढड़ा डीएसपी और गिरोह का पर्दाफाश करने वाली सीआईए टीम भी मौजूद रही। तोता की ढाणी पहुंचने से पहले टीम ने बाढड़ा डीएसपी से इस मामले के विभिन्न पहलुओं की जानकारी भी ली। यह मामला गत 22 सितंबर का है और अब तक मुख्य आरोपी सहित अन्य सभी फरार हैं।
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ज्ञात रहे कि गत 22 सितंबर को एयरफोर्स एक्स और वाई ग्रुप की परीक्षा आयोजित की गर्ठ थी। सीआईए टीम को सुबह 11 बजे गुप्त सूचना मिली थी कि तोता की ढाणी निवासी रमेश के मकान में बैठकर सात-आठ युवक एयरफोर्स एयरमैन की परीक्षा देने वालों के पेपर साल्व करवा रहे हैं। इस आधार पर सीआईए टीम ने वहां दबिश दी, लेकिन टीम के पहुंचने से पहले ही आरोपी गाड़ियों में बैठकर मौके से फरार हो गए। पुलिस ने जब रमेश के मकान की छत पर बने कमरे में जाकर देखा तो चार लैपटॉप, एक मोबाइल, वाई-फाई एंटीना व दो रजिस्टर बरामद हुए। रजिस्टरों में परीक्षार्थियों के नाम सहित अन्य ब्योरा व पेपर कोड सहित 22 सितंबर लिखा हुआ है। पुलिस ने कमरे से बरामद सामान को अपने कब्जे में ले लिया था। पुलिस ने इस संबंध में मकान मालिक रमेश के बेटे रविंद्र के साले डोहकी निवासी सन्नी सहित अन्य पर विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया था।
मामले की जांच के लिए वीरवार को विंग कमांडर एग्जाम अनुराग शर्मा व तकनीकी विभाग के अधिकारी एसएच कर्मकार तोता की ढाणी पहुंचे। इससे पहले उन्होंने डीएसपी बाढड़ा अनिल डुडी से इस प्रकरण के बारे में जानकारी हासिल की। एयरफोर्स की टीम शाम 5:08 पर तोता की ढाणी पहुंची और 5:51 पर वहां से चली गई। डीएसपी अनिल डुडी ने बताया कि गिरोह के लोगों ने पहले एयरफोर्स के एयरमैन पद के लिए आवेदन करने वाले आवेदकों से संपर्क साधा और फिर विभाग की ऑनलाइन परीक्षा करवाने वाली निजी एजेंसी की वेबसाइट हैक कर परीक्षार्थियों के पेपर साल्व करवाए। इसके बदले उन्होंने परीक्षार्थियों से ढाई से तीन लाख रुपये लिए। इस मामले में पुलिस अधीक्षक मोहित हांडा ने वीरवार को तोता की ढाणी पहुंचकर कमरे और मकान का निरीक्षण किया था। पुलिस अधीक्षक यहां काफी देर तक रुके थे।
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दो टीमें गठित, चार दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली
गिरोह का पर्दाफाश गत 22 सितंबर को ही हो गया था। लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले आरोपी तीन गाड़ियों में बैठकर फरार हो गए थे। इस मामले का मुख्य आरोपी डोहकी निवासी सन्नी है, जो कोचिंग सेंटर चलाता है। आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास में दो टीमें लगी हुई हैं, लेकिन चार दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं।
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