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Charkhi Dadri News: एजेंसियों ने नहीं दिखाई रुचि, जिले में दो लाख पौधे लगाने की योजना अटकी

Tue, 25 Aug 2026 01:30 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
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वन विभाग की ओर से नर्सरी में तैयार किए गए पौधे।  - फोटो : 1
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चरखी दादरी। जिले को हरा-भरा बनाने के लिए वन विभाग की ओर से एजेंसी के माध्यम से पौधरोपण और उनकी देखभाल की योजना शुरू की गई थी। इसमें एजेंसियों ने रुचि नहीं ली तो योजना सिरे नहीं चढ़ पाई।
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इसके चलते जिले में प्रस्तावित करीब दो लाख पौधे नहीं लगाए जा सके। मानसून सीजन के दौरान पौधरोपण का उपयुक्त समय होने के बावजूद योजना के तहत काम शुरू नहीं होने से पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों को झटका लगा है।

गौरतलब है कि वन विभाग ने जिले में बड़े स्तर पर पौधरोपण करवाने के साथ लगाए गए पौधों की निर्धारित अवधि तक देखभाल की जिम्मेदारी एजेंसियों को देने की योजना बनाई थी। इसके लिए निविदा प्रक्रिया के माध्यम से एजेंसी का चयन किया जाना था। हालांकि विभाग की ओर से निर्धारित नियम एवं शर्तों के चलते एजेंसियां आगे नहीं आ रही हैं। ऐसे में पौधरोपण का लक्ष्य अधूरा रह गया है।
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1 से 3 साल बढ़ाया समय
पहले पौधरोपण का कार्य लेने वाली एजेंसी को एक साल तक पौधों की देखभाल करनी होती थी। अब नियमों में बदलाव करते हुए देखभाल की अवधि को बढ़ाकर तीन साल किया गया है। इसके अलावा पौधों की देखभाल में किसी प्रकार की कोताही सामने आने पर पहले की तुलना में दोगुना जुर्माने का प्रावधान किया गया है। एजेंसी को जमानत राशि के रूप में भी पहले की अपेक्षा पांच गुना अधिक राशि जमा करवानी होगी।
विभाग की शर्तें सख्त
वन विभाग से जुड़े कर्मचारी नेताओं का कहना है कि पौधों को लगाने के साथ उनकी नियमित देखभाल जरूरी है लेकिन एजेंसियों के सामने कई सख्त शर्तें होने के कारण वे निविदा प्रक्रिया में हिस्सा लेने से पीछे हट रही हैं। इसका सीधा असर जिले के पौधरोपण अभियान पर पड़ रहा है।
सरकार को तलाशना चाहिए वैकल्पिक रास्ता
हरियाणा वन कर्मचारी महासंघ के प्रदेश महासचिव विक्रांत ने कहा कि जिले को हरा-भरा बनाने के लिए पौधरोपण बेहद जरूरी है। यदि एजेंसियां विभाग की शर्तों के कारण काम लेने के लिए आगे नहीं आ रही हैं तो सरकार को पौधरोपण करवाने के लिए अन्य विकल्पों पर विचार करना चाहिए।
दांगी ने सरकार से मांग की कि मानसून सीजन का लाभ उठाते हुए जिले में जल्द से जल्द पौधरोपण का कार्य शुरू करवाया जाए। उन्होंने कहा कि पौधे लगाने के लिए मानसून का समय सबसे उपयुक्त माना जाता है। यदि समय पर पौधरोपण नहीं हुआ तो दो लाख पौधे लगाने का लक्ष्य प्रभावित होगा।
जिले में प्रस्तावित दो लाख पौधों का लक्ष्य पूरा होने से सड़कों, सार्वजनिक स्थानों और अन्य क्षेत्रों में हरियाली बढ़ाने में मदद मिल सकती थी। अब विभाग और सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती यही है कि एजेंसी की प्रक्रिया में आ रही अड़चनों को दूर कर मानसून सीजन में ही पौधरोपण अभियान को गति दी जाए, ताकि निर्धारित लक्ष्य को पूरा किया जा सके।


वर्सन:
जिले में एजेंसी की ओर से पौधरोपण करने के लिए पहले दो बार निविदाएं आवंटित की गई थी लेकिन कोई भी एजेंसी कार्य के लिए आवेदन नहीं कर पाई वहीं अब तीसरी बार निविदा आवंटित की गई है। संभावना है इस बार एजेंसी काम करने के लिए आवेदन कर सके।- सतीश दुहन, जिला वन अधिकारी
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