बाढड़ा। सिंचाई विभाग इंदिरा केनाल और गोकुल माइनर के नवीनीकरण के बाद 40 वर्ष पुराने पुल का निर्माण करवाना भूल गया। इससे छह गांवों के लोगों का रास्ता बाधित हो गया है।
गांव बेरला के समीप इंदिरा केनाल और गोकल माइनर का नवीनीकरण किया जा रहा है। यहां नहर पर बने पुराने पुल की कोई सुध नहीं ली गई है। इस पुल से गांव नीमड़ बडेसरा, चांदवास, किष्कंधा, हंसावास के गांवों का आवागमन होता है। पुल इस समय जर्जर हालत में है। इस वहज यहां हादसों का अंदेशा बना रहता है।
गांव बेरला निवासी भाजपा नेता रामबीर बेरला, पंचायत समिति सदस्य अनिल कुमार, राजेंद्र सिंह, सरपंच ज्योति देवी, पूर्व बीडीसी राकेश कुमार, पंच बिंद्र सिंह, पंच रणबीर सिंह, पूर्व पंच बिजेंद्र शर्मा ने बताया कि नहर व माइनरों के नवीनीकरण के दौरान जो मिट्टी निकाली गई वह भी नहीं हटाई गई। इससे रास्ता बाधित हो रहा है। स्कूली बसें भी इसी जर्जर पुल से गुजरती हैं।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि अगर जल्द ही सुधार नहीं किया गया तो वे बाढड़ा-झोझूकलां मार्ग को जाम कर देंगे। इस संबंध में नवनिर्माण में जुटे अनुबंधित कर्मचारी ने बताया कि सिंचाई विभाग के आदेश पर पहले नहरों का नवीनीकरण किया जा रहा है। दूसरे चरण में पुलों का भी नवनिर्माण किया जाएगा।