बाढड़ा। अनाज मंडी परिसर में पिछले काफी दिनों से चला आ रहा संयुक्त किसान मोर्चा का धरना सोमवार को समाप्त हो गया। सरकार की उच्चस्तरीय कमेटी व बीमा कंपनियों के प्रतिनिधियों की बैठक में मुआवजा जारी के निर्देश होने के बाद किसानों ने अनिश्चितकालीन धरना स्थगित करने का फैसला लिया है। किसानों ने इसे एक साल के संघर्ष की जीत बताया है।
राजकुमार हड़ौदी ने कहा कि यह जीत उन हजारों किसानों के अथक संघर्ष का परिणाम है, जिन्होंने अपने अधिकारों के लिए लगातार आंदोलन किया। किसानों ने भीषण गर्मी, कड़ाके की सर्दी, आंधी-तूफान और बारिश के बावजूद संघर्ष जारी रखा और अंतत: अपनी मांग मनवाने में सफल रहे।
युवा कल्याण संगठन के संरक्षक कमल प्रधान ने कहा कि यह जीत केवल 350 करोड़ रुपये के बीमा क्लेम की प्राप्ति नहीं, बल्कि किसान की एकता और संगठित संघर्ष की मिसाल है। इससे प्रदेश के किसानों को अधिकारों के लिए संघर्ष करने की प्रेरणा मिलेगी। कमल प्रधान ने भविष्य में किसानों और मेहनतकश जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट होकर संघर्ष जारी रखने का आह्वान किया।
पूर्व विधायक रणबीर सिंह मंदौला ने कहा कि लंबे संघर्ष में क्षेत्र के किसानों ने ऐतिहासिक तपस्या की है जिसके परिणाम स्वरूप किसान के हक में फैसला आया है। रणबीर मंदौला ने सरकार ने कहा कि सरकार ने बीमा कंपनी पर दबाव बनाकर जल्द ही बीमा जारी नही करवाया तो बड़ा संघर्ष करने से पीछे नहीं हटेंगे।
इस दौरान किसान नेता बलबीर बजाड़, इनेलो जिलाध्यक्ष सूबे सिंह अटेला, जजपा हलका अध्यक्ष विजय श्योराण, राजेंद्र सिंह हुई, कांग्रेस नेता राजू मान, किसान सभा राज्य महासचिव सुमित दलाल, किसान सभा जिला प्रधान रणधीर सिंह कुंगड़, धर्मपाल बडाला, सुरेश मान आदि मौजूद रहे।