चरखी दादरी। पशुपालन विभाग लंपी बीमारी की रोकथाम और नियंत्रण के लिए पूरी तरह सतर्क है। विभाग लगातार निगरानी कर रहा है और पशुपालकों के लिए सावधानियों संबंधी दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसके साथ ही, संक्रमण के केंद्र बिंदु के 10 किलोमीटर दायरे में सभी पशु बाजार बंद करने का निर्णय लिया गया है।
विभाग ने संक्रमित पशुओं को स्वस्थ पशुओं से तुरंत अलग करने की सलाह दी है। बुखार या गांठदार त्वचा रोग के संदिग्ध किसी भी नए जानवर को स्वस्थ बाड़े में न लाएं। प्रभावित क्षेत्रों में संक्रमित पशुओं के लिए साझा चराई और सीधे संपर्क को रोका जाए। मक्खियों, मच्छरों और चिचड़ियों की आबादी कम करने के प्रयास किए जाएं। स्वस्थ पशुओं के शरीर पर कीट-रोधक लगाना भी जरूरी है। प्रभावित क्षेत्रों से स्वस्थ क्षेत्रों में पशुओं की आवाजाही पर सख्त नियंत्रण रखें। बीमारी की पुष्टि होने पर मवेशियों के व्यापार, पशु मेलों और प्रदर्शनियों में भाग न लें।
रोकथाम और कीटाणुशोधन के उपाय
संक्रमण के मुख्य केंद्र बिंदु के 10 किलोमीटर के दायरे में स्थित सभी पशु बाजारों को बंद करने का निर्णय लिया गया है। विभाग ने प्रभावित परिसरों, उपकरणों और वाहनों की सफाई व कीटाणुशोधन के लिए कई घोलों के उपयोग की सलाह दी है। इनमें ईथर, फॉर्मेलिन, फिनोल, सोडियम हाइपोक्लोराइट और आयोडीन यौगिक जैसे रसायन शामिल हैं। इन उपायों से बीमारी के प्रसार को रोकने में मदद मिलेगी।