झोझूकलां के गांव मंदौली में नशामुक्ति यात्रा निकालते ब्रह्माकुमारीज सदस्य।
झोझूकलां। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की झोझूकलां-कादमा ने मेरा भारत नशा मुक्त अभियान चलाया है। इसके तहत शनिवार को गांव मैहड़ा राजकीय राजकीय उच्च विद्यालय और मंदौली गांव में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें क्षेत्रीय प्रभारी राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी वसुधा ने कहा कि नशा एकाग्रता और स्मरण शक्ति को नष्ट करता है। परीक्षा के दिनों में छात्रों में तनाव बढ़ने का यह प्रमुख कारण है।
उन्होंने कहा कि आजकल युवाओं में नशे का बढ़ता शौक चिंताजनक है। ब्रह्माकुमारी ने स्मरण शक्ति और एकाग्रता बढ़ाने के लिए नियमित रूप से राजयोग का अभ्यास करने के लिए प्रेरित कर इसकी विधि बताई। कहा कि ध्यान यानी राजयोग एक ऐसी क्रिया है जिससे मन शांत और चित्त आनंदमय होता है। इससे साधक अध्ययन जैसे किसी भी कार्य को तनावरहित होकर कर सकते हैं। झोझूकलां सेवाकेंद्र की प्रभारी ब्रह्माकुमारी ज्योति ने कहा कि नशा घातक शौक है। यह क्षणिक सुख जीवनभर की सजा देता है। हर प्रकार का नशा हमारे तन-मन-धन, समय और संबंध को खराब करता है। नशे का समाज पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ा है। समाज में सबसे बड़ा नशा ताश का है। इससे हमारा समय व्यर्थ चला जाता है। इस समय के सदुपयोग से हम समाज का सर्वांगीण विकास कर सकते हैं।
ब्रह्माकुमारी ज्योति ने विद्यार्थियों को नशा न करने और जीवन मूल्य धारण करने की शपथ दिलाई। मुख्याध्यापक पवन ने कहा कि यह अभियान श्रेष्ठ प्रयास है। इस दौरान अध्यापक अनिल, सुनीता, सूबेदार रोहताश, ग्रामीण कमला, टेकचंद, चंद्रभान, दीपक, मनोज आदि मौजूद रहे।
अष्टांग योग से मिलेगी जन्म मरण से मुक्ति : सरस्वती
संवाद न्यूज एजेंसी चरखी दादरी। शहर स्थित आर्य समाज मंदिर में शनिवार को वार्षिक उत्सव मनाया गया। गढ़मुक्तेश्वर से गुरुकुल महाविद्यालय पुष्पावती पीठ संचालक स्वामी अखिलानंद सरस्वती ने कहा कि महर्षि पतंजलि का अष्टांग योग जन्म-मरण के बंधन से छुटकारा दिलाता है। इसलिए उन्होंने अष्टांग योग को अपनाने और रात को सोने से पहले दिनभर के कार्यों का अवलोकन कर आत्मनिरीक्षण करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि त्यागपूर्वक भोग के भाव से जीवन जीकर बुराइयों का त्याग करना चाहिए। आर्यवीर दल के जिला संचालक स्वामी सच्चिदानंद सरस्वती ने नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित किया। पंडित योगेश दत्त ने सुरीले कंठ से अविद्या आदि क्लेश को दूर करने के उपाय बताए। आर्य हिंदी-संस्कृत महाविद्यालय गुरुकुल के आचार्य प्रवीण योगी ने यज्ञ करवाया और यजमानों ने आहुतियां डालीं। दूसरे सत्र की अध्यक्षता तारीफ सिंह ने की जबकि विधायक सुनील सतपाल सांगवान मुख्य अतिथि रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ अधिवक्ता कर्मवीर छिक्कारा ने की। मेरठ से गायक पंडित संदीप आर्य ने जीवन के लिए ईश्वर का धन्यवाद किया। प्रोफेसर देवदत्त आर्य ने संचालन किया।