एक ही दुकान से वर्दी और स्टेशनरी खरीदने का दबाव बनाने वाले प्राइवेट स्कूलों पर होगी कार्रवाई
- जिला शिक्षा अधिकारी कृष्णा फौगाट ने निजी स्कूल संचालकों को दी चेतावनी, अपनी मर्जी से किताबें, ड्रेस और बैग खरीदना प्रत्येक विद्यार्थी का अधिकार
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। कोई भी मान्यता प्राप्त निजी विद्यालय अपने स्कूल की यूनिफार्म, जूते, बेल्ट, डायरी, किताबें, कॉपियां आदि खरीदने के लिए अभिभावकों को किसी एक दुकान के लिए बाध्य नहीं कर सकते। कोई विद्यालय ऐसा करता पाया जाता है तो उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। जिला शिक्षा अधिकारी कृष्णा फौगाट ने ये चेतावनी दी है।
उन्होंने बताया कि विभागीय आदेश अनुसार हरियाणा विद्यालय शिक्षा संशोधन नियम 2021 के पैरा 3-6 के अनुसार कोई भी स्कूल अध्ययनरत विद्यार्थियों को किसी विशेष दुकान से पुस्तकें, कार्य-पुस्तिकाएं, लेखन सामग्री, जूते, मौजे, वर्दी आदि खरीदने के लिए बाध्य नहीं कर सकता। हर बच्चे को अपनी मर्जी से किसी भी दुकान से पुस्तकें, कॉपी, बैग आदि सामान खरीदने का अधिकार है। शिक्षा विभाग इस दिशा में प्रभावी कदम उठाने जा रहा है। जिले में प्राइवेट स्कूलों का निरीक्षण किया जाएगा। इस बारे में कुछ अभिभावकों की शिकायतें भी आई हैं, जिन पर जांच करवाई जा रही है।
कृष्णा फौगाट ने बताया कि किसी विद्यालय में एक ही दुकान से पाठ्य सामग्री मंगवाई जा रही है तो उसके विरुद्ध हरियाणा विद्यालय शिक्षा नियमावली 2003 के तहत कार्रवाई की जाएगी। किसी प्राइवेट पब्लिकेशन या एक दुकान को कोई भी निजी स्कूल प्रस्तावित न करें। उन्होंने कहा कि शिक्षा एक सामाजिक व्यवसाय है, केवल लाभ कमाना इसका उद्देश्य नहीं है। इसलिए स्कूल संचालक अपनी मनपसंद दुकान से अभिभावकों को खरीदारी के लिए विवश न करें।