संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। जिला प्रशासन गेहूं की कटाई के बाद खेतों में फसल अवशेष (फाने) जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए सजग और सतर्क है। फसल अवशेषों को आग लगाना भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत प्रतिबंधित है। ऐसे मामलों में सूचना मिलते ही जिला प्रशासन की ओर से तुरंत कार्रवाई करते हुए कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
उपायुक्त मुनीश शर्मा ने कहा है कि फसल अवशेष जलाने से आग अनियंत्रित हो जाती है। साथ लगते खेत में खड़ी पकी हुई फसल आग की चपेट में आ जाती है। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान होता है। ऐसे में संबंधित एसडीएम और कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अलावा संबंधित विभागीय अधिकारियों को फील्ड में निरंतर निगरानी रखने की जरूरत है।
उन्होंने कहा हर आग लगने की घटना की जवाबदेही तय होगी। इसलिए अधिकारी सजग और सतर्क होकर कार्य करें। आग लगने से फसलों काे नुकसान नहीं होने दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि खेतों में फसल अवशेष जलाना न केवल पर्यावरण और लोगों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा है, बल्कि, यह एक दंडनीय अपराध भी है। इस पर अंकुश लगाने के लिए जिला प्रशासन की ओर से निगरानी व नियंत्रण की व्यापक व्यवस्था की गई है।
उन्होंने कहा कि इस विषय पर सभी प्रशासन का सहयोग करें। कहीं भी फसल अवशेष या गेहूं के फाने जलते हुए देखें तो तुरंत डायल 112 या संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को सूचित करें। ताकि, कार्रवाई की जा सके।