परिवहन एवं शिक्षा::::::::
फोटो 26 स्कूल वाहन की जांच करती टीम। स्रोत : जनसंपर्क विभाग
- दो दिवसीय दौरे के तहत दादरी पहुंचे हरियाणा राज्य बाल अधिकार एवं संरक्षण आयोग के सदस्यों ने चलाया चेकिंग अभियान
- स्कूल संचालकों को दिए पहली कक्षा में 1.5 और दसवीं कक्षा में 5 किलोग्राम से अधिक बैग का वजन न रखने देने के निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
बौंदकलां।व दो दिसीय अभियान के तहत दादरी जिले में पहुंचे हरियाणा राज्य बाल अधिकार एवं संरक्षण आयोग के सदस्यों ने बुधवार को स्कूल वाहनों की जांच की। इस दौरान बौंदकलां खंड के दो स्कूलों के वाहन मापदंड पर खरे नहीं उतरे। इससे आरटीए टीम ने दोनों स्कूलों के 8 वाहनों के चालान किए।
दो दिवसीय दौरे के पहले दिन हरियाणा राज्य बाल अधिकारी एवं संरक्षण आयोग के सदस्यों ने विभिन्न स्टेकहोल्डर्स के साथ बैठक की। इसमें पिछली बैठक के मुद्दों बाल भिक्षावर्ती और नशामुक्ति की समीक्षा की गई।
बैठक का मुख्य उद्देश्य स्कूलों की बिल्डिंग का रिकॉर्ड, साफ-सफाई, फायर सेफ्टी, स्कूल बैग पॉलिसी 2020 और सुरक्षित स्कूल वाहन पॉलिसी पर चर्चा की गई।
आयोग की सदस्य मीना कुमारी ने स्कूल बैग पॉलिसी 2020 की जानकारी देते हुए बताया कि विद्यार्थियों के बैग का वजन अधिक होने पर स्कूल जिम्मेदार होंगे। शिक्षा विभाग ने वजन सीमा तय कर दी है। पहली कक्षा के लिए 1.5 किलोग्राम और 10वीं के लिए 5 किलोग्राम बैग का वजन होना चाहिए।
आयोग के सदस्य मांगेराम ने सुरक्षित स्कूल वाहन पॉलिसी के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि सभी शिक्षण संस्थानों को सुरक्षित वाहन पॉलिसी की गाइडलाइन व नियमों के अनुसार कार्य करना होगा।
- इन बातों का स्कूल संचालक रखें ख्याल
सुरक्षित वाहन पॉलिसी के अंतर्गत स्कूल की बस में फर्स्ट एड किट लगी हो। बच्चों को बस में उतारते-चढ़ाते समय लेडी अटेंडेंट का होना आवश्यक है। बच्चों के होमवर्क को लेकर जिला बाल संरक्षण अधिकारी नीलकमल ने संक्षिप्त रूप में बताया कि बच्चों को लेवल के अनुसार होमवर्क दिया जाना चाहिए।
- ये भी रहे मौजूद
बैठक में जिला बाल कल्याण समिति से चेयरपर्सन शिल्पा मड़िया, जिला बाल संरक्षण कार्यालय से संरक्षण अधिकारी मंजू, रोशनलाल, उषा सोनी, विकास सांगवान समेत शिक्षा विभाग से सभी खंड शिक्षा अधिकारी, बाल कल्याण समिति सदस्य व आरटीए कर्मचारी मौजूद रहे।