चरखी दादरी। शहर में बहुप्रतीक्षित जिलास्तरीय किसान भवन निर्माण की प्रक्रिया अब धरातल पर उतरती नजर आ रही है। संबंधित निर्माण एजेंसी ने लोहारू रोड स्थित पुराने कृषि कार्यालय परिसर में बने भवन को तोड़ने का कार्य शुरू कर दिया है। साथ ही परिसर में बाधित खड़े पेड़ों को वन विभाग के नियमों के तहत हटवाया गया है, ताकि निर्माण कार्य में किसी प्रकार की देरी न हो और परियोजना को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा सके।
17 कनाल 5 मरला भूमि पर 28.63 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक सुविधाओं से लैस नए जिलास्तरीय किसान भवन के निर्माण को मंजूरी मिल चुकी है। निविदा प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब निर्माण की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। कृषि विभाग का लक्ष्य है कि जिले के 67 हजार से अधिक किसानों को एक ही छत के नीचे कृषि से जुड़ी तमाम योजनाओं और सेवाओं का लाभ मिल सके। कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिले में लगभग 2.73 लाख एकड़ भूमि कृषि योग्य है। हजारों किसान हर सीजन में विभिन्न फसलों की खेती करते हैं। मिट्टी जांच के लिए उन्हें बस स्टैंड से करीब पांच किलोमीटर दूर नई अनाज मंडी स्थित कार्यालय जाना पड़ता था। अब यह सुविधा मुख्य भवन में उपलब्ध होने से किसानों को लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी।
भूमि को कराया जा रहा समतल
अधिकारियों के अनुसार जमीन समतलीकरण का कार्य पूरा होते ही मार्च माह से भवन निर्माण शुरू कर दिया जाएगा। नए भवन में जिला स्तरीय कृषि अधिकारियों के कार्यालय स्थापित किए जाएंगे। इसके साथ ही अत्याधुनिक मिट्टी और पानी जांच प्रयोगशाला का निर्माण भी प्रस्तावित है। इससे किसानों को अपने खेतों की मिट्टी की गुणवत्ता जांच के लिए इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा।
किसानों को ये मिलेंगी सुविधाएं
भवन परिसर में खाद और बीज की सरकारी दुकानों के लिए अलग से स्थान निर्धारित किया गया है, ताकि किसानों को गुणवत्तापूर्ण सामग्री समय पर उपलब्ध हो सके। इसके अलावा विश्राम गृह, पार्क, अधिकारियों और कर्मचारियों के आवास की भी व्यवस्था की जाएगी। पूरा परिसर आधुनिक सुविधाओं और सुव्यवस्थित ढांचे के साथ विकसित किया जाएगा।
किसानों को मिलेगी बड़ी राहत
वर्तमान में कृषि विभाग की विभिन्न शाखाएं शहर के अलग-अलग स्थानों पर संचालित हो रही हैं। पुराने कार्यालय के अलावा नई अनाज मंडी में भी विभागीय कार्यालय कार्यरत हैं। इससे किसानों को बार-बार अलग-अलग स्थानों के चक्कर लगाने पड़ते थे, जिससे समय और संसाधनों की बर्बादी होती थी। नया किसान भवन बनने के बाद सभी सेवाएं एक ही परिसर में उपलब्ध होंगी, जिससे किसानों के समय और धन दोनों की बचत होगी।
वर्सन:
जिला स्तरीय कृषि भवन निर्माण की सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं। फिलहाल पुराने भवन को हटाने का कार्य जारी है। इसके बाद मार्च से निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
- डॉ. कृष्ण कुमार, एसडीओ कृषि विभाग।