कबड्डी खिलाड़ी प्रियंका पिलानिया।
चरखी दादरी। जिले में खेल सुविधाओं की कमी के चलते खिलाड़ी दूसरे जिलों में जाकर अभ्यास करते हैं। अभी तक जिले में एक भी ऐसा स्टेडियम नहीं है, जिसमें कम से कम से पांच खेलों का आयोजन किया जा सके। इसके साथ ही खिलाड़ियों के लिए कोच की भी कमी है। जनमंच कॉलम के तहत जिले के खिलाड़ियों और कोच ने खेल संसाधनों की कमी का दर्द बयां किया। उन्होंने कहा कि खेल सुविधाओं और संसाधनों में बढ़ोतरी की जाएं तो जिले की प्रतिभाएं निखर कर सामने आएंगी। उन्होंने कहा कि जिले में एक बड़े स्तर पर खेल स्टेडियम को निर्माण करवाना चाहिए। इसके साथ ही खिलाड़ियों को कोच सहित अन्य पर्याप्त सुविधाएं मिलनी चाहिए।
बलाली के स्टेडियम में कार्य पूरा नहीं हो पाया पूरा, खल रही कमी
सरकार की ओर से जिले में बहुत कम खेल सुविधाएं प्रदान की गई हैं। जिले के खिलाड़ियों को खेल अभ्यास के लिए दूसरे जिले की नर्सरियों और निजी अकादमियों में प्रशिक्षण लेना पड़ रहा है। खेल सुविधा में सुधार के लिए जिले में एक बड़े स्तर का खेल स्टेडियम होना चाहिए। इससे विभिन्न खेलों के खिलाड़ियों को प्रशिक्षण लेने में सुविधा होगी। एक साथ पांच से छह खेलों का आयोजन भी किया जा सकेगा। बलाली के खेल स्टेडियम में अभी तक कार्य पूरा नहीं हो पाया है। - सज्जन सिंह, कुश्ती कोच
जिले में देखा जाए तो कोच पर्याप्त हैं, लेकिन स्टेडियम की कमी काफी खल रही है। स्टेडियम न होने से खिलाड़ियों अभ्यास के लिए काफी संघर्ष करना पड़ता है। इसके लिए वे राजकीय स्कूल के मैदान या अपने स्तर पर तैयारी कर रहे हैं। सरकार की ओर से खेल नर्सरियों के लिए विशेष जगह उपलब्ध नहीं करवाई गई। अगर सरकार समसपुर स्टेडियम का निर्माण जल्द करवाए तो खेल सुविधाओं के तहत एक यह भी खिलाड़ियों को बड़ा उपहार होगा। - विश्वजीत चौधरी, फुटबाल कोच
इंडोर खेलों के लिए जिले में एक भी इंडोर स्टेडियम नहीं है। सरकार को इंडोर खेल कबड्डी, वॉलीबाल, हैंडबाल, जूड़ो, बैडमिंटन आदि के लिए जिले में खेल स्टेडियम बनना चाहिए। इससे जिले में इंडोर खेलों को आयोजन हो सकेगा और खिलाड़ी भी अभ्यास कर अपनी प्रतिभा में अच्छा खासा निखार ला पाएंगे। -प्रियंका पिलानिया, अंतरराष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी