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श्रमिकों पर गिरा रेती से भरा हॉपर

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खेड़ी बत्तर क्रशर जोन स्थित शिव शक्ति स्टोन क्रशर पर नाइट ड्यूटी कर रहे दो श्रमिकों पर रेती से भरा हॉपर गिर गया। इससे वहां बनी एक दीवार भी ढह गई और वहां काम कर रहे दोनों श्रमिक मलबे और रेती के ढेर के नीचे दब गए। उन्हें निकालने में आधा घंटा लगा और तब तक दोनों की मौत हो चुकी थी। दोनों श्रमिक बिहार के छपरा गांव के रहने वाले थे। बुधवार देर शाम तक उनके परिजन दादरी नहीं पहुंचे थे। सदर थाना प्रभारी नरेंद्र सिंह ने बताया कि मृतकों के परिजनों की शिकायत के आधार पर अगली कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इस संबंध में फिलहाल किसी के खिलाफ केस दर्ज नहीं किया गया है।
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जानकारी के अनुसार बिहार के छपरा जिले के गांव सोही साहपुर निवासी जामुन सिंह (18) और मसरक गांव निवासी ओमप्रकाश उर्फ मुखिया (21)खेड़ी बत्तर क्रशसर जोन स्थित शिव शक्ति स्टोन क्रशर पर बतौर श्रमिक कार्यरत थे। मंगलवार रात को उन दोनों के अलावा पांच श्रमिकों की ड्यूटी थी। मृतक जामुन के चचेरे भाई मनीष और साथी श्रमिक गजेंद्र ने बताया कि वो दोनों दिन की ड्यूटी कर सो रहे थे। करीब ढाई बजे उनके साथी श्रमिक वहां आए और उन्हें हादसे की जानकारी दी। मनीश और गजेंद्र ने बताया कि प्लांट पर रात के समय रेती को साफ करने का काम चल रहा था। जब लोढर से सफाई के लिए रेती को हॉपर में डाला गया तो उसका लोहे के एक पाइप टूट गया। इसके चलते रेती से भरा हॉपर ढह गया। हॉपर गिरने से वहां बनी एक दीवार भी गिर गई। हॉपर में भरा रेती का ढेर वहां काम कर रहे जामुन और ओमप्रकाश पर गिर गया और दोनों रेती व मलबे के नीचे दब गए। जेसीबी से ऊपर की रेती को हटाया गया और इसके बाद कस्सी से खुदाई कर दोनों को बाहर निकाला गया। मनीष व गजेंद्र ने बताया कि इस प्रयास में करीब आधा घंटा लग गया। बाहर निकालने के बाद साथी श्रमिकों ने जामुन और ओमप्रकाश को संभाला लेकिन तब तक वो दम तोड़ चुके थे।
बुधवार सुबह सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों के शव कब्जे में ले लिए। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल भिजवाया। दोपहर तक मृतकों के परिजन आने का इंतजार किया गया और इसके बाद पुलिस ने पोस्टमार्टम की कार्रवाई करवाई। पुलिस ने शवों को मोर्चरी कक्ष में रखवा दिया है और वीरवार सुबह परिजनों के बयान दर्ज करने के बाद शव सौंप दिए जाएंगे। दोनों मृतक अविवाहित थे।
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जामुन एक माह पहले ही आया था रोजगार की तलाश में
क्रशर पर काम करने वाले मनीष ने बताया कि मृतक जामुन उसका चचेरा भाई था। वह एक माह पहले ही काम की तलाश में यहां आया था। मनीष ने बताया कि जामुन के आने से दो दिन पहले वह खेड़ी बत्तर क्रशर जोन आया था। वहीं, मृतक ओमप्रकाश पिछले दस माह से यहां काम कर रहा था। दोनों मृतक अविवाहित थे।
मृतक श्रमिकों के परिजन अभी नहीं आए हैं। उनकी शिकायत के आधार पर अगली कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। फिलहाल किसी के खिलाफ मामला दर्ज नहीं किया गया है। शव पोस्टमार्टम के बाद चिकित्सकों की निगरानी में मोर्चरी कक्ष में रखे हुए हैं।
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नरेंद्र कुमार, चरखी दादरी सदर थाना प्रभारी
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