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Charkhi Dadri News: नहरी पानी की चोरी की एवज में 1,298 किसानों पर लगाया 13.54 लाख तावान

Sun, 13 Jul 2025 11:47 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
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चरखी दादरी जिले की मुख्य लोहारू केनाल। 
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जगवीर शर्मा
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चरखी दादरी। जिला में रबी व खरीफ सीजन वर्ष 2024-25 में नहरी पानी चोरी के एवज में सिंचाई विभाग ने 1298 किसानों को 13,54,259 रुपये तावान यानी जुर्माना लगाया है। इन किसानों को उस समय विभाग की टीमों ने नहरी पानी की चोरी के आरोप में चिह्नित किया था।
इसके बाद इन किसानों की एक्सईएन कार्यालय में हियरिंग की प्रक्रिया तकरीबन पूरी कर ली गई है और अब राजस्व विभाग तावान राशि वसूलेगा। राशि जमा नहीं करवाने पर किसानों को जमीन की एनओसी आदि के लिए क्लीन चिट नहीं मिल सकेगी। वहीं, भाकियू ने सिंचाई विभाग की इस कार्रवाई का विरोध किया है।
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सिंचाई विभाग नहरों में पानी छोड़ने के साथ ही पानी की चोरी रोकने के लिए जांच करता है। किसान नहरी पानी की चोरी कर खेतों की सिंचाई करते हैं। किसान नहरों पर साइफन पाइप, इंजन आदि लगाकर पानी का उठान कर लेते हैं जिससे सीधे रूप में पानी की चोरी होती है। यही वजह है कि पानी टेल तक नहीं पहुंच पाता है जिससे जलघर और जोहड़ खाली रहते हैं।
सिंचाई विभाग के अधिकारियों की मानें तो किसानों को नियमानुसार सरकारी मोगे से खेतों की सिंचाई करनी होती है। नहरों में बहुत कम मात्रा में सरकारी मोगे होने की वजह से पानी की आपूर्ति नहीं हो पाती है। ऐसे में किसान नहरों से सीधे ही पानी का उठान कर लेते हैं। नहरों में पर्याप्त मात्रा में सरकारी मोगे व पक्के नाले बनाने की जरूरत है। मोगे लगाने के बाद किसानों के लिए प्रति एकड़ सिंचाई के लिए समय भी निर्धारित होता है। इसके लिए सरकारी मोगों से खेतों तक पक्के नाले भी बनाने चाहिए ताकि पानी की बर्बादी न होने पाए और किसानों को पर्याप्त मात्रा में समय पर पानी मिल सके।
- गर्मी सीजन में 16 दिन चलता है पानी, 24 दिन बंद रहती है नहर
गर्मी सीजन में नहरों में 16 दिन पानी चलता है और 24 दिन बंद रहता है। ऐसे में पानी की किल्लत बनी रहती है। इससे पहले जिला में नहरी पानी की बारी 15 दिन की होती थी। 30 दिन में 15 दिन ही पानी बंद होता था। एक दशक से नहरी पानी की कमी होती आई है। इसका प्रमुख कारण ग्लेशियरों का पिघलना भी है।

- विभागीय कार्यालय में की गई सुनवाई
विभाग कार्यालय में सुनवाई के बाद 1,298 किसानों को 13,54,259 रुपये तावान यानी जुर्माना लगाया गया है। यह राशि वसूलने का काम अब राजस्व विभाग करेगा। सिंचाई विभाग इन किसानों की सूची व तावान राशि का विवरण राजस्व विभाग को भेज देता है। राजस्व विभाग नंबरदारों की सहायता से इन किसानों से यह राशि वसूलते हैं। सिंचाई विभाग अधिकारियों के अनुसार अगर कोई किसान तावान राशि जमा नहीं करवाएगा तो उसे सरकारी कार्यों के लिए एनओसी नहीं मिल सकेगी जिससे उसे जमीन की खरीद-फरोख्त करने में भी बाधा आ सकती है।


हम पुरजोर तरीके से इस मुद्दे को उठाएंगे। नहरी पानी फसलों की सिंचाई के लिए ही है। किसान पानी का दुरुपयोग तो नहीं कर रहा है। इंजन व ट्रैक्टर से पानी उठाता है तो किसान हजारों रुपये का तेल भी फूंकता है। तावान से प्रभावित किसान भाकियू पदाधिकारियों से मिलें, उनको सरकार से जरूर राहत दिलवाने का काम करेंगे। भाकियू इन किसानों के लिए लड़ाई लड़ने के लिए तैयार है। किसान फसलों की सिंचाई नहीं करेगा तो उसके लिए तो हर साल अकाल पड़ेगा। हरपाल सिंह भांडवा, अध्यक्ष, भारतीय किसान यूनियन
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1,298 किसानों की सूची तैयार कर ली गई है। इन किसानों से तावान वसूला जाएगा। तावान वसूली का काम राजस्व विभाग करेगा। विभागीय नियमानुसार यह तावान राशि लगाई है। -सतेंद्र कुमार, एक्सईएन, सिंचाई विभाग, चरखी दादरी।
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