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Charkhi Dadri News: 600 मीटर लंबी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की कतार, घंटों इंतजार करते रहे किसान

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एनएच 334-बी पर उपज से भरे ट्रैक्टर ट्रॉलियों की लगी लंबी कतार।  - फोटो : 1
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चरखी दादरी। अनाज मंडी में बाजरा खरीद की घोषणा के तीसरे दिन शनिवार को उपज लेकर पहुंचे किसानों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। मंडी परिसर में प्रवेश के लिए किसानों को घंटों इंतजार करना पड़ा। हालात इतने बिगड़े कि एनएच-334बी स्थित गैस गोदाम से मंडी के टोकन बूथ तक ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की करीब 600 मीटर लंबी कतार लग गई।
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चिड़िया रोड पर भी वाहनों की लाइन बधवाना माइनर तक पहुंच गई। सड़क के दोनों ओर कृषि वाहनों की लंबी कतार होने से यातायात व्यवस्था भी प्रभावित रही। सरकारी खरीद की घोषणा के तीसरे दिन सुबह से ही किसान अपनी बाजरे की उपज लेकर मंडी पहुंचने लगे थे। जैसे-जैसे समय बढ़ा वाहनों की संख्या भी लगातार बढ़ती गई। मंडी में सीमित स्थान होने से बाहर सड़क पर ही किसानों को अपने वाहनों के साथ खड़ा रहना पड़ा।
कई किसानों ने बताया कि वे काफी देर से कतार में अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं लेकिन टोकन प्रक्रिया धीमी होने से उनका नंबर आगे नहीं बढ़ पा रहा है। वहीं गर्मी व उमस के चलते किसानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। तेज धूप में अपनी बारी का इंतजार कर रहे किसानों का कहना है कि घर में उपज रखने के लिए उचित स्थान का अभाव होने के कारण उनको खेतों से उपज निकलने के बाद मंडी में लानी पड़ रही है। वहीं मंडी आढ़ती ऐसे हालात का फायदा उठाने के लिए 2100 से 2200 रुपये में खरीद किसानों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। किसानों ने सरकार से मांग की है कि वो बाजरा खरीद का समय सितंबर महीना सुनिश्चित करे ताकि किसान खेत से उपज निकाल सीधे मंडी में बेच सके।
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टोल फ्री नंबर भी नहीं कर रहा काम
फसल बिक्री से संबंधित जानकारी और परेशानी का समाधान करवाने के लिए सरकार की ओर से जारी टोल फ्री नंबर पर संपर्क करने का प्रयास किया गया लेकिन नंबर बंद आ रहा है। किसानों का कहना है कि जब मंडी में इस तरह की अव्यवस्था बनी हुई है तो शिकायत दर्ज कराने और जानकारी हासिल करने के लिए जारी हेल्पलाइन का चालू रहना जरूरी है।-प्रदीप कुमार किसान, गांव खाचरोली
पानी की भी नहीं है व्यवस्था
इस समय दिन के दौरान तेज गर्मी पड़ रही है। खुले में कई घंटे ट्रैक्टर-ट्रॉली के साथ खड़े रहना उनके स्वास्थ्य के लिए परेशानी पैदा कर रहा है। लंबे इंतजार के दौरान पीने के पानी, छाया और अन्य सुविधाओं की जरूरत महसूस हो रही है। मंडी प्रशासन की ओर से बाहर कतार में खड़े किसानों के लिए पीने के पानी की कोई भी व्यवस्था नहीं की गई है।-जयभगवान किसान, गांव भागवी
सरकारी खरीद शुरू न होने से भाव को लेकर भी नाराजगी
सुबह पांच बजे लाइन में लगा था लेकिन अभी नंबर आना तो दूर की बात है अभी बूथ तक भी नहीं पहुंच पाया हूं किसानों की परेशानी केवल लंबी कतार तक सीमित नहीं है। बाजरा खरीद की घोषणा के बावजूद सरकारी खरीद की प्रक्रिया पूरी तरह शुरू नहीं होने से उन्हें अपनी उपज आढ़तियों के पास बेचने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। -यादवेंद्र सिंह किसान, गांव फतेहगढ़
अच्छी क्वालिटी होने के बावजूद नहीं मिला उचित भाव
इस बार खेतों से निकला बाजरा अच्छी गुणवत्ता का है और उपज साफ है। इसके बावजूद उन्हें उचित भाव नहीं मिल रहा। अगर सरकारी खरीद सुचारु रूप से शुरू हो और निर्धारित मानकों के अनुसार उपज खरीदी जाए तो उन्हें बाजार में मनमाने दाम पर फसल बेचने की मजबूरी नहीं रहेगी।राजेश कुमार किसान, गांव रासीवास।
बॉक्स
ये हैं किसानों की मांग
किसानों का कहना है कि यदि रोजाना आने वाली उपज के हिसाब से टोकन और खरीद की व्यवस्था नहीं बनाई गई तो आगामी दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है। किसानों ने प्रशासन से मंडी में प्रवेश की व्यवस्था बेहतर करने, टोकन प्रक्रिया तेज करने, सरकारी खरीद नियमित रूप से शुरू कराने और बाहर खड़े किसानों के लिए पेयजल व छाया की व्यवस्था करने की मांग की है। साथ ही टोल फ्री नंबर को तत्काल चालू कराने की मांग भी उठाई गई है।
वर्सन
हमारा कार्य टोकन काटने का है वो हम कर रहे हैं। हमने बाजरे की उपज खरीदने के लिए मुख्यालय को पत्र लिखा है। अभी तक खरीद के लिए एजेंसी नहीं आई है। वहीं किसानों की फसल पोर्टल पर न दर्शाने की शिकायत के लिए एसडीएम की ओर से सोमवार तक समाधान करने का आश्वासन दिया गया है।विद्या सागर, सचिव मार्केट कमेटी
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