- जनस्वास्थ्य विभाग ने जलघरों के टैंकों को भरने की कवायद की शुरू, मांग अनुरूप मिला है इस बार नहरी पानी
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। जिले को इस बार मांग के अनुरूप 950 क्यूसेक पानी मिला है। नहरों में पानी पहुंचते ही जनस्वास्थ्य विभाग ने सिंचाई विभाग से तालमेल कर जलघरों के भंडारण टैंकों तक पानी पहुंचाना शुरू कर दिया है। वहीं, सिंचाई विभाग के अधिकारी नहरों की साइट का लगातार दौरा कर रहे हैंं। ताकि, पानी टेल तक पहुंच सके। वहीं, नहरों में पानी आने के बाद अब विभाग राशनिंग बंद कर देगा। इससे पेयजल संकट दूर होगा।
इस समय सभी जलघर खाली हैं जबकि तालाबों में भी पानी डालने की जरूरत बनी हुई है। तालाबों में मानसून की बारिश से भरा पानी अब खत्म हो चुका है। वैसे जिले में 60 जलघर हैं। नहरों में एक फरवरी शाम को पानी पहुंच गया था।
इससे पहले जिले के सिंचाई विभाग ने 950 क्यूसेक पानी का इंडेंट भेजा था। इस बार मांग के अनुरूप पानी मिल गया है। जिले के 167 गांवों में जलघरों के जरिये पेयजल आपूर्ति की जाती है। सभी जलघर नहरों से ही भरे जाते हैं। इस बार फसल की सिंचाई के लिए भी नहरी पानी की इतनी ज्यादा जरूरत नहीं है। सरसोंं में तो सिंचाई की कत्तई जरूरत नहीं है। कारण यह कि यह पकाव की अवस्था में पहुंच गई है।
- ये जलघर भरे जाते हैं नहरी पानी से
शहर के अलावा गांव घसोला, मंदोला, कलियाणा, जावा, चांगरोड़, दातोली, ढाणी फोगाट, चिड़िया, पांडवान, जावा, पालड़ी, मिसरी, बौंदकलां, अचीना, रानीला, इमलोटा, चरखी, पैंतावास, झोझूकलां, मंदोला, घिकाड़ा, सांवड़ व सांजरवास आदि जलघरों में नहरों से ही पानी भरा जाता है। नहरी पानी की जरूरत अब हर साल बढ़ती जा रही है। अब सरकारी पेयजल आपूर्ति पूरी तरह से नहरी पानी पर ही निर्भर है।
- 16 फरवरी तक चलेगा पानी
जिला की मेन बधवाना, मैहड़ा, बौंदकलां डिस्ट्रीब्यूटरी व लोहारू कैनाल प्रमुख हैं। जिले भर में 75 से ज्यादा जोहड़ विभिन्न नहरों से भरे जाते हैं। जिले के नहरी पानी का टर्न 24 दिन का है। 16 फरवरी तक पानी चलेगा। इस बार सरसों, गेहूं व जौ में सिंचाई की इतनी जरूरत नहीं है।
वर्सन:
950 क्यूसेक पानी इस बार मिला है। जलघरों को भरा जा रहा है। 16 दिन के लिए पानी मिला है। सभी जलघर व तालाब भर दिए जाएंगे।
-हरवीर सिंह, एसडीओ, सिंचाई विभाग
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पानी से लबालब जिले की लोहारू नहर। संवाद