चरखी दादरी। जिले में पिछले दो माह के अंदर 8901 परिवारों के बीपीएल राशनकार्ड काटे गए हैं। इससे इन परिवारों की राशन आपूर्ति बंद हो गई है। इन परिवारों के सदस्यों का कहना है कि मनमर्जी से उन्हें लखपति दर्शाया गया है जबकि उनकी माली हालत खस्ता है। कुछ परिवार तो ऐसे हैं, जिनके घर साइकिल तक नहीं है, जबकि उनके घर चारपहिया वाहन दर्शाया गया है।
वहीं, अधिकारियों की मानें तो पोर्टल ने इनकी प्रॉपर्टी आईडी में चार पहिया वाहन दर्शाए हैं। इससे इन्हें बीपीएल सूची से बाहर किया गया है। दूसरी ओर, पीड़ित लोगों ने जिला प्रशासन से काटे गए बीपीएल कार्ड धारकों के घर-घर पहुंचकर हालात का जायजा लेने और फिर यथास्थिति अनुसार ही अगला कदम उठाने की मांग की है।
जिले में अप्रैल माह के दौरान 98,816 बीपीएल परिवारों को सरकार की ओर से 10,702 क्विंटल गेहूं के अलावा 1,39,046 लीटर सरसों तेल व 838 किलो चीनी वितरित की गई थी। इसके अगले महीने मई में ही सरकारी पोर्टल ने 6,108 परिवारों को बीपीएल सूची से बाहर कर दिया।
वहीं, इसके बाद जिला खाद्य एवं पूर्ति विभाग ने जून माह के लिए बचे हुए 92,708 उपभोक्ताओं के लिए राशन पहुंचाया। फिर जून महीने में भी 2,790 परिवारों को बीपीएल सूची से बाहर कर दिया। इसके बाद विभाग ने बचे हुए 89,915 बीपीएल परिवारों के लिए ही डिपो तक राशन पहुंचाया।
पिछले लंबे समय से राशन सुविधा का लाभ ले रहे लोगों का कहना है कि उन्होंने जब पोर्टल के माध्यम से बीपीएल कार्ड कटने की जानकारी ली तब परिवार पहचानपत्र में चार पहिया वाहन दर्ज किया गया मिला। वहीं, पीपीपी में उनके नाम के अलावा पता भी अलग स्थान का दर्ज किया गया है जबकि उनके घर की छत तक टूटी हुई है। संवाद