चरखी दादरी। दादरी जिला 1041 लिंगानुपात के साथ प्रदेश में पहले पायदान पर है जबकि गत वर्ष जिले की प्रदेशभर में 17वीं रैंक थी। अबकी बार वर्ष 2024 में जनवरी में जिले के 23 गांवों में 35 बेटों पर 88 बेटियों ने जन्म लिया है। विभागीय आंकड़ों के मुताबिक जिले के 22 गांवों में एक भी संतान पैदा नहीं हुई।
जनवरी के विभागीय आंकड़ों के अनुसार इस माह में कुल 598 बच्चों ने जन्म लिया। इनमें से 293 बेटियां और 305 बेटाें ने जन्म लिया है। जनवरी में जिले के 23 गांवों में लिंगानुपात 200 फीसदी या इससे ऊपर है। इन गांवों में 35 बेटों पर और 88 बेटियों ने जन्म लिया है।
दादरी शहर में सबसे अधिक 32 बच्चों ने जन्म लिया। यहां का आंकड़ा 100 फीसदी रहा। 21 गांवों में स्थिति चिंताजनक रही। उननका लिंगानुपात 500 तक है। इन गांवों में 80 बच्चों का जन्म हुआ। इनमें 57 बेटे और 23 बेटियां हैं।
जिले के 36 गांवों में केवल 1-1 बच्चा ही पैदा हुआ है। 30 गांवों में केवल बेटियों ने जन्म लिया। इन गांवों में जन्म लेने वाली बेटियों की संख्या 48 रही। जिले के 28 गांवों में केवल बेटों ने जन्म लिया। इनकी संख्या 44 रही। जिले के 22 गांवों में एक भी संतान नहीं जन्मी और लिंगानुपात शून्य रहा। संवाद
इन गांवों में नहीं जन्मा एक भी बच्चा
खेड़ी बत्तर, आदमपुर, चंदेनी, बड़ेसरा, ढाणी नंद, विकासनगर, भोपाली, गाेंविदपुरा, कारी आदू, सिरसली, ढाणी अहीर, जेवली, डूडीवाला नंदकरण, हडौदा खुर्द, टीकान कलां, खेड़ी सनवाल, मिर्च, कपूरी, सांतौर, कोहलावास, जयश्री, मारेवाला आदि गांवों में जनवरी में एक भी बच्चे ने जन्म नहीं लिया।
इन गांवों में नहीं जन्मा एक भी बेटा
गांव मंदोली, तिवाला, अटेला नया, मानकावास, अखत्यारपुरा, नरसिंहवास, डांडमा, दातौली, किष्कंधा, काकड़ौली हट्टी, जीतपुरा, दूधवा, आर्यनगर खोरड़ा, कारी तोखा, कारी धारणी, बडराई, उण, कुब्जानगर, रामबास, जगरामबास, डोहका दीना, निमड़ी, महराणा, पातुवास, हिंडोल, सुरपगढ़, घसौला, झिंझर, कन्हेटी आदि में 48 लड़कियाें ने जन्म लिया है।
इन गांवों में नहीं जन्मी एक भी बेटी
गांव खातीवास, मकड़ानी, रामनगर, सांकरोड़, ढाणी फौगाट, बिलावल, हड़ौदा, बिंद्रावन, डालावास, कारी दास, निहालगढ़, सुरजा ढाणी, काकड़ौली सरदारा, श्यामकलां, द्वारका, भारीवास, चांदवास, हंसावास, गोकल, खेरी बूरा, पांडवान, नौसवा, छिल्लर, पैंतावास कलां, बरसाना, शीशवाला, मंदोला, दाढी बाना आदि में केवल बेटे ही पैदा हुए हैं।
इन गांवों 2 हजार से ज्यादा रहा लिंगानुपात-
गांव का नाम - लिंगानुपात - बेटे - बेटियां
चिड़िया - 2333 - 3 - 7
बेरला - 2333 - 3 - 7
भागवी - 3000 - 1 - 3
भागेश्वरी - 3000 - 1 - 3
फतेहगढ़ - 3000 - 1 - 3
बादल - 3000 - 1 - 3
गोपी - 3000 - 1 - 3
पिचौपा कलां - 3000 - 1 - 3
मकड़ाना - 4000 - 1 - 4
कलियाणा - 4000 - 1 - 4
मिसरी - 5000 - 1 - 5
डूडीवाला किशनपुरा - 5000 - 1 - 5
इन गांवों में 500 से कम है लिंगानुपात
गांव- लिंगानुपात- बेटे- बेटियां
पालरी - 333 -3 -1
कांहड़ा - 333 -3 -1
धनासरी - 333 -3 -1
माईखुर्द - 250 -4 -1
दगड़ौली - 167 - 6 -1
रामपुरा - 200 -5 -1
वर्जन
बेटा-बेटियों में कोई फर्क नहीं है। लोगों को जागरूक करने के लिए विभाग की तरफ जिले में समय-समय पर जागरूकता अभियान भी चलाए जाते हैं। - गीता सहारण, सीडीपीओ, चरखी दादरी।
फोटो- 14 गीता सहारण, बाल विकास परियोजना अधिकारी
फोटो 15- पुराना झज्जर रोड स्थित जिला बाल विकास परियोजना कार्यालय, चरखी दादरी।