चरखी दादरी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 16 फरवरी को रेवाड़ी स्थित गांव माजरा में बनने वाले ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (एम्स) का शिलान्यास करेंगे। लोगों के वहां तक आने और जाने के लिए रोडवेज से 80 बसों की मांग आई है। ऐसे में 15 और 16 फरवरी को दो दिन तक जिले के सभी रूट प्रभावित होने के आसार हैं। इस मार्ग पर रोजाना करीब 30,000 यात्री आवाजाही करते हैं।
चरखी दादरी रोडवेज में कुल 119 बसें हैं। इनमें 12 मिनी बसें हैं। इनमें से भी 13 बसें जर्जर अवस्था में हैं। इनमें से 80 बसें वीरवार को रेवाड़ी और नारनौल डिपो में भेज दी जाएंगी। रोडवेज विभाग जिला प्रशासन की ओर से इन बसों की मांग की पुष्टि की है।
डिपो अधिकारी का कहना है कि 80 बसें जाने के बाद दो दिन तक यातायात व्यवस्था काफी हद प्रभावित रहेंगी। ऐसे में उन्होंने कहा कि शहर आने वाले या शहर से जाने वाले लोग अपनी व्यवस्था करके ही निकलें। बाकी बची हुई बसों से ही व्यवस्था बनाने की कोशिश की जाएगी। इन बसों के जाने से लंबी दूरी के साथ स्थानीय रूट प्रभावित होंगे।
ये रूट होंगे प्रभावित
दादरी से कोसली, दादरी-लोहारू, रामलवास-बाढड़ा, दादरी-सतनाली, दादरी-रोहतक, भिवानी-फतेहगढ़, दादरी-भिवानी रूट प्रभावित होगा। कोसली रूट पर हर रोज सबसे अधिक एक हजार यात्री बसों में सफर करते हैं। इनमें दादरी से कोसली जाने वाली बस पूरा दिन में पांच फेरे लगाती थी। दादरी से भिवानी रूट पर चलने वाली बस प्रतिदिन छह चक्कर लगाती थी। चंडीगढ़ और दिल्ली जाने वाले रूट भी प्रभावित होने के आसार हैं। सबसे ज्यादा यात्री महेंद्रगढ़, नारनौल और रोहतक रूट के हैं। क्योंकि इन रूट पर रेलवे की लाइन नहीं है।
शिक्षण संस्थानों में आने वाले विद्यार्थी होंगे परेशान
बसें रेवाड़ी और नारनौल सुबह के समय ही भेज दी जाएंगी। ऐसे में शहर में पढ़ाई के लिए आने वाले विद्यार्थियों को सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पडे़गी। नौकरी या काम से शहर आने वाले लोगों को भी परेशानी उठानी पड़ सकती है।
लंबी दूरी पर जाने वाले यात्रियों की बढ़ेगी परेशानी
चरखी दादरी से रोजाना 12 बसें चंडीगढ़, 8 दिल्ली, 1-1 बस पटियाला, जयपुर, पुष्कर, खाटू श्याम रूट पर जाती है। ऐसे में आसार है कि इनमें से चंडीगढ़ और दिल्ली जाने वाली बसें कम होने के साथ कुछ रूट बंद भी रह सकते हैं।
प्रशासन की तरफ से 15 और 16 फरवरी के लिए 80 बसें मांगी गई हैं। ये बसें रेवाड़ी और नारनौल भेजी जाएंगी। बाकी बची बसों से ही रूटों पर व्यवस्था बनाई जाएगी। - दीपक कुमार, संस्थान प्रबंधक, चरखी दादरी, रोडवेज।