चरखी दादरी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रेवाड़ी आवागमन से पहले दादरी रोडवेज डिपो से मंगवाई गई 80 बसों के नारनौल व रेवाड़ी जाने के बाद वीरवार को यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। विभिन्न रूटों पर जाने वाले यात्री घंटों तक बूथों पर बस आने का इंतजार करते रहे। वहीं बसें भेजे जाने से विभाग को लगभग 9 लाख रुपये का नुकसान की आशंका है। वहीं डिपो में बसों की कमी के चलते रेलवे स्टेशन पर भी यात्रियों की भीड़ नजर आई।
बता दें कि 16 फरवरी को रेवाड़ी स्थित माजरा में बनने वाले ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस (एम्स) का प्रधानमंत्री मोदी शिलान्यास करेंगे। लोगों को सभास्थल तक पहुंचाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा रेवाड़ी व नारनौल के लिए 80 बसों की मांग की गई थी। आदेश के बाद रोडवेज प्रबंधन ने स्थानीय डिपो से 80 बसों को गंतव्य के लिए रवाना कर दिया गया। जिससे लंबी दूरी तक जाने वाले सभी रूटों को बंद करने के अलावा अन्य रूट भी प्रभावित रहे।
वहीं अधिकारी बाकी बची बसों से व्यवस्था बनाते नजर आए, लेकिन इतनी बड़ी संख्या में बसों की कमी के चलते यात्रियों को घंटों तक बसें नहीं मिल पाई। इससे यात्रियों को निजी वाहनों में सफर करने को मजबूर होना पड़ा। इसके अलावा विभाग ने प्रति बस चालक व परिचालक को भेजा।
रात तक लौट आई सभी बसें : दीपक
80 बसें एक साथ रेवाड़ी और नारनौल भेजे जाने के बाद बस स्टैंड पर व्यवस्था चरमरा गई। अव्यवस्था को देखते हुए उच्च स्तर पर बसों को वापस भेजने का फैसला लिया। जिसके बाद देर शाम तक सभी बसें डिपो परिसर में लौट आई। रोडवेज संस्थान प्रबंधन दीपक कुमार ने इनके लौटने की पुष्टि करते हुए कहा कि अब शुक्रवार को इनके व्यवस्थित तरीके से सभी रूटों पर चलाया जाएगा।
आज भी बसें नहीं चलने की आशंका
रोडवेज यूनियन सर्व कर्मचारी संघ का जिला प्रधान कृष्ण कुमार का कहना है 80 बसों को इस प्रकार से भेजे जाने से दादरी रोडवेज डिपो को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। जिसमें आय के नुकसान से लेकर डीजल पर करीब 4 लाख रुपये खर्च हुए हैं। कृष्ण कुमार ने कहा कि 16 फरवरी को प्रस्तावित राष्ट्रव्यापी हड़ताल के चलते बसों का पूर्णतया चक्का जाम रहेगा। ऐसे में यात्रियों को शुक्रवार को फिर से परेशानी झेलनी पड़ सकती है।
इन रूटों पर नहीं चलीं बसें
80 बसें भेजे जाने से प्रतिदिन चंडीगढ़ जाने वाली 12, दिल्ली के लिए 8, पटियाला, जयपुर, पुष्कर, अजमेर व खाटू श्याम जाने वाली बसों के रूटों को बंद करना पड़ा। इसके अलावा छोटे रूट जिनमें रोहतक, भिवानी, झज्जर, कोसली, बाढड़ा जाने वाली बसें के रूट भी प्रभावित रहे
डिपो को प्रति बस 12 हजार रुपये का राजस्व मिलता है
चरखी दादरी रोडवेज डिपो से हर रोज लगभग 30 हजार यात्री विभिन्न रूटों पर सफर करते हैं। इनसे विभाग को प्रतिदिन एक बस से लगभग 12 हजार रुपये का राजस्व मिलता है। ऐसे में स्थानीय डिपो से 80 बसें जाने के बाद लगभग 9 लाख 60 हजार रुपये का राजस्व नुकसान विभाग को उठाना पड़ा है।