चरखी दादरी। सफाई कर्मचारियों की हड़ताल 23वें दिन में प्रवेश करने के साथ ही शहर की सफाई व्यवस्था लगातार प्रभावित हो रही है। जगह-जगह जमा कचरे के ढेर से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बिगड़ती सफाई व्यवस्था को सुधारने के लिए नगर परिषद अधिकारियों ने अब रात के समय भी कचरे का उठान शुरू कर दिया है। वीरवार रात करीब 10 बजे पुलिस सुरक्षा के बीच नगर परिषद की टीम ने मेजबान चौक, रोहतक रोड और तिकोना पार्क सहित अन्य स्थानों से करीब आठ टन कचरे का उठान करवाया।
नगर परिषद की ओर से हड़ताल के कारण प्रभावित सफाई व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि शहर के प्रमुख स्थानों पर जमा कचरे को प्राथमिकता के आधार पर उठाया जा रहा है, ताकि लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। इसी कड़ी में वीरवार रात को नगर परिषद की टीम पुलिस सुरक्षा के बीच कचरा उठाने के लिए पहुंची।
देर रात तक कर्मचारियों और जेसीबी की मदद से करीब आठ टन कचरा उठाकर निर्धारित स्थान पर पहुंचाया गया। वहीं शुक्रवार को रक्षाबंधन पर्व के चलते अवकाश होने के कारण नगर परिषद की ओर से डोर-टू-डोर कचरा उठान अभियान नहीं चलाया जा सका। ऐसे में शहर के कई हिस्सों में कचरा जमा रहने की स्थिति बनी रही। लगातार कई दिनों से सफाई व्यवस्था प्रभावित होने के कारण पहले से ही सड़कों, गलियों और विभिन्न सार्वजनिक स्थानों पर कचरे का दबाव बढ़ा हुआ है। नगर परिषद अधिकारियों के सामने अब छुट्टी के बाद सफाई व्यवस्था को सामान्य करने की चुनौती है।
23 दिन से धरने पर बैठे कर्मचारी
दूसरी ओर सफाई कर्मचारी अपनी 17 सूत्री मांगों को लेकर नगर परिषद परिसर में लगातार धरना दे रहे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों को लागू करने के संबंध में ठोस निर्णय नहीं लिया जाता तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। कर्मचारियों के धरने के कारण शहर में नियमित सफाई कार्य और कचरा उठान व्यवस्था प्रभावित हो रही है। सफाई कर्मचारी नेताओं का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर अधिकारियों और सरकार के समक्ष आवाज उठा रहे हैं, लेकिन उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। इसी वजह से कर्मचारियों ने हड़ताल का रास्ता अपनाया है। कर्मचारियों ने स्पष्ट किया है कि वे अपनी 17 सूत्री मांगों को लागू करवाने के लिए आंदोलन जारी रखेंगे।
आंदोलन को और बड़ा रूप देने की चेतावनी
सफाई कर्मचारियों के प्रधान सूरज कुमार ने संकेत दिया है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक फैसला नहीं हुआ तो आगामी दिनों में आंदोलन को और बड़ा रूप दिया जा सकता है। इससे शहर की सफाई व्यवस्था पर और असर पड़ने की संभावना है। वहीं नगर परिषद अधिकारियों की ओर से कचरा उठान के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने का प्रयास किया जा रहा है। शहरवासियों की नजर अब इस बात पर टिकी है कि 23 दिन से चल रही हड़ताल का समाधान कब निकलता है। एक तरफ कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर आंदोलनरत हैं, वहीं दूसरी ओर लंबे समय से प्रभावित सफाई व्यवस्था के कारण आम लोगों की परेशानी बढ़ती जा रही है। ऐसे में प्रशासन और सफाई कर्मचारियों के बीच जल्द बातचीत के जरिये समाधान निकलना जरूरी माना जा रहा है, ताकि शहर की सफाई व्यवस्था दोबारा सामान्य हो सके।