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एजेंसी ने दादरी शहर में शुरू किया बंदर पकड़ो अभियान, नगर परिषद की ओर से प्रति बंदर दिए जाएंगे 998 रुपये
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। बंदरों की समस्या से शहरवासियों को निजात दिलाने के लिए नगर परिषद ने अभियान शुरू कर दिया है। शनिवार शाम एजेंसी ने कोर्ट परिसर में पिंजरा रखा। पहले दिन 8 बंदर फंसे। वहीं, पहले उन क्षेत्रों को कवर किया जाएगा, जहां बंदरों का उत्पात ज्यादा है। नगर परिषद की ओर से प्रति बंदर पकड़ने पर एजेंसी को 998 रुपये दिए जाएंगे।
शहरवासी बंदरों की समस्या से त्रस्त हैं। आलम यह है कि बंदरों का झुंड घरों में घुसकर सामान तक उठाकर ले जा रहा है। शहरवासी नगर परिषद के अधिकारियों से बंदरों की समस्या से छुटकारा दिलाने की मांग कर चुके हैं। अब उनकी मांग परवान चढ़ती नजर आ रही है। इसके लिए नगर परिषद ने 10 दिन पहले ही टेंडर प्रक्रिया सिरे चढ़ाकर कार्यादेश जारी किया था।
शनिवार से एजेंसी ने शहर में बंदर पकड़ो अभियान शुरू कर दिया है। अधिकारियों के निर्देशों पर पहले दिन कोर्ट परिसर में दो पिंजरे रखे गए। एक पिंजरा बंदरों को पकड़ने के लिए जबकि दूसरा पकड़े गए बंदरों को रखने के लिए लगाया गया। वहीं, अधिकारियों का कहना है कि बंदर पकड़ो अभियान का शेड्यूल तय नहीं किया गया है। एजेंसी की टीम बंदरों का पीछा करते हुए अपनी मर्जी से पिंजरे रखेगी।
- शहर के इन क्षेत्रों के लोग परेशान
वैसे तो सभी 21 वार्डाें में बंदरों का उत्पात है, लेकिन, चंपापुरी, वार्ड-छह, वार्ड-10, वार्ड-21, बस स्टैंड क्षेत्र और एमसी कॉलोनी के लोग ज्यादा परेशान हैं। लोगों का कहना है कि बंदर उनके घरों में घुसकर फ्रिज खोलकर सब्जियां और फल तक उठा ले जाते हैं। इतना ही नहीं, घर में रखे कपड़ों और अन्य सामान को भी नुकसान पहुंचाने से ये नहीं चूकते। शहर में इस समय 600 से अधिक बंदर घूम रहे हैं।
- बंदरमुक्त करने पर 6 लाख लागत आने का अनुमान
दादरी शहर को बंदरमुक्त करने के लिए अभियान शुरू कराया गया है। दो साल पहले चलाई गई मुहिम के मुकाबले इस बार प्रति बंदर 198 रुपये अधिक है। अगर एजेंसी शहर से 600 बंदर पकड़ लेती है तो नगर परिषद को करीब 6 लाख की राशि चुकानी पड़ेगी।
- लोग बोले : अधिकारी लगातार करें निगरानी, शिकायत मिलते ही रखवाएं पिंजरा
शहर निवासी दीपक, रविंद्र, राजेश, प्रीतम, नरेश और मोहन का कहना है कि अधिकारियों को मुहिम पूरी होने तक निगरानी करनी चाहिए। इसके अलावा कोई हेल्पलाइन भी नंबर जारी करना चाहिए, ताकि, बंदरों की समस्या से परेशान लोग शिकायत कर सकें। शिकायत मिलते ही टीम भेजकर तुरंत उक्त क्षेत्र में पिंजरा रखवाना चाहिए।
वर्सन:
बंदर पकड़ो अभियान एजेंसी ने शुरू कर दिया है। पहले दिन कोर्ट परिसर में पिंजरा रखा गया और एजेंसी ने 8 बंदर पकड़े। मुहिम की लगातार निगरानी की जा रही है।
-राजेश कुमार, सीएसआई, नगर परिषद
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कोर्ट परिसर में रखे पिंजरे के अंदर फंसे बंदर व मौजूद एजेंसी की टीम। संवाद