चरखी दादरी के गांव निमली स्थित बाल वाटिका में मौजूद विद्यार्थी।
चरखी दादरी। महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से पोषण पखवाड़े का 7वां संस्करण 22 अप्रैल तक आयोजित किया जा रहा है। पोषण अभियान का उद्देश्य प्रौद्योगिकी, परंपरा के मिश्रण से बच्चों, महिलाओं के बीच स्वस्थ और पौष्टिक आहार को बढ़ावा देना है।
जिला कार्यक्रम अधिकारी गीता सहारण ने बताया कि यह पोषण पखवाड़ा बच्चे के जीवन के पहले 1,000 दिनों पर केंद्रित है, क्योंकि यह बाल विकास के लिए एक महत्वपूर्ण अवधि है। इस दौरान जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में छह वर्ष तक के बच्चों के लिए वजन दिवस का आयोजन किया जाएगा। मातृत्व पोषण और स्तनपान के लिए जागरुकता अभियान चलाया जाएगा। दो वर्ष तक के बच्चों का टीकाकरण घर-घर जाकर किया जाएगा। उन्होंने बताया कि जन समुदाय में पोषण ट्रैकर के प्रति जागरूकता फैलाई जाएगी। आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों, माताओं के लिए पौष्टिक थाली प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। गर्भवती और धात्री महिलाओं को पोषक तत्वों की जानकारी दी जाएगी।
परियोजना अधिकारी ने बताया कि पोषण पखवाड़ा के तहत ग्राम सभाओं का आयोजन किया जाएगा, जिसके तहत मातृ और शिशु पोषण लाभार्थियों के लिए स्वयं डिजिटल पंजीकरण करने की जानकारी दी जाएगी। अति कुपोषित बच्चों के लिए मातृ बैठकों का आयोजन किया जाएगा, जिसमें उनके खान-पान का ध्यान रखने की सलाह दी जाएगी। इस आयोजन में पुरुषों को शामिल किया जाएगा।
पोषण पखवाड़े के तहत महिलाओं को दी जानकारी
बौंदकलां। महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से मंगलवार को पोषण पखवाड़े के तहत गांव सांवड़ में कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का संचालन करते हुए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता शिल्पा ने ग्रामीण महिलाओं को विभागीय योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बच्चों के विकास के लिए पोषक तत्व वाली सामग्री खानी चाहिए। इस प्रकार के पोषक तत्वों से बच्चों का अधिक विकास होता है। उन्होंने गर्भवती को पत्तेदार सब्जी और उचित मात्रा में लेने के लिए प्रेरित किया।