बाढड़ा। हिसार स्थित गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय में शनिवार को 34वीं हरियाणा स्टेट मास्टर्स एथलेटिक्स चैंपियनशिप का आयोजन किया गया। इस चैंपियनशिप में अनुभवी एथलीटों के बीच जबरदस्त प्रतिस्पर्धा देखने को मिली। इस प्रतियोगिता में भाग लेते हुए बाढड़ा निवासी रामकिशन शर्मा ने शानदार प्रदर्शन कर चार पदक अपने नाम किए हैं। रामकिशन शर्मा ने अपने उम्दा प्रदर्शन और दृढ़ संकल्प के बल पर साबित किया कि उम्र कभी भी खेल के प्रति जुनून और मेहनत की राह में बाधा नहीं बनती। देशभर में खेल प्रेमियों और खेल संगठनों ने उनके इस उपलब्धि पर खुशी जताई और उन्हें बधाई दी।
अब तक 295 मेडल जीत चुके रामकिशन
हरियाणा स्टेट मास्टर्स एथलेटिक्स चैंपियनशिप में बुजुर्ग खिलाड़ी रामकिशन शर्मा ने 200 मीटर, 80 मीटर बाधा दौड़ में स्वर्ण पदक अपने नाम किया है। इस सफलता ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि मेहनत, अनुशासन और लगन से हर मुकाम हासिल किया जा सकता है। मेडलों के तिहरे शतक से महज पांच पदक दूर 73 वर्षीय बुजुर्ग खिलाड़ी रामकिशन शर्मा अब तक 295 मेडल जीत चुके हैं। इनमें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आठ गोल्ड मेडल, राष्ट्रीय स्तर पर 157 गोल्ड और 27 सिल्वर व पांच ब्रांज, स्टेट में 98 स्वर्ण पदक शामिल हैं।
भर्ती परीक्षा में पूछे जाते है खिलाड़ी पर प्रश्न
हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग की भर्ती परीक्षा में भी उनकी उपलब्धियों पर आधारित प्रश्न शामिल किए गए थे। अपना कारोबार छोड़कर जीवन को खेल के प्रति समर्पित कर देश व प्रदेश का नाम रोशन करने वाले व युवाओं के प्रेरणास्रोत खिलाड़ी रामकिशन शर्मा को सरकारी सहायता प्राप्त नहीं हुई हैं। वे खेल प्रतियोगिताओं में भाग लेने अपने खर्चे से जाते हैं। रामकिशन शर्मा दौड़, बाधा दौड़, रिले दौड़, लंबी कूद, शॉटपुट आदि स्पर्धाओं में पदक जीत चुके हैं।
युवाओं को नशे से दूर रहने की दी सलाह
रामकिशन शर्मा ने बताया कि उनकी तमन्ना है कि राष्ट्रपति या उपराष्ट्रपति उन्हें सम्मानित करें, ताकि वे प्रोत्साहित होकर अपने खेल को जारी रख सकें और देश व प्रदेश के लिए और मेडल हासिल कर सकें। उन्होंने युवाओं को नशे से दूर रहने की सलाह दी है। उन्होंने बताया कि वह काफी समय से नशा मुक्ति से जुड़े हैं। हालांकि उन्होंने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि जितनी उन्होंने मेहनत की है, उतना उन्हें सम्मान नहीं मिला है। इसलिए उन्होंने सरकार से सम्मानित करने की गुहार लगाई है।