चरखी दादरी। दादरी समेत प्रदेश के चार जिलों में पांच चिकित्सकों को सेक्शन-7 के तहत चार्जशीट करने के विरोध में जिले के राजकीय स्वास्थ्य केंद्रों में तैनात 66 चिकित्सकों ने शनिवार को तीन घंटे ओपीडी नहीं देखी। इसके चलते सिविल अस्पताल, मातृ-शिशु अस्पताल, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों की सेवाएं सुबह आठ से 11 बजे तक प्रभावित रहीं। हालांकि हड़ताल के बावजूद इमरजेंसी केस अटैंड किए गए। वहीं, चिकित्सकों की हड़ताल के चलते 1200 से अधिक मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ी।
बता दें कि दादरी शहर में दो सरकारी स्वास्थ्य केंद्र हैं। इनमें सिविल अस्पताल व मातृ-शिशु अस्पताल शामिल हैं। इसके अलावा जिले में तीन सीएचसी (सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र) और 12 पीएचसी (प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र) हैं। इन सभी 17 केंद्रों की दैनिक ओपीडी करीब 2400 रहती है। शनिवार को चिकित्सकों ने सुबह आठ से 11 बजे तक ओपीडी नहीं देखी और हड़ताल पर रहे। इतना ही नहीं चिकित्सकों ने 11 बजे के बाद सीट संभालने पर काला कपड़ा बांधकर ओपीडी देखी। वहीं, एचसीएमएसए (हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विस एसोसिएशन) पदाधिकारी शनिवार सुबह ही दादरी पहुंचे और चिकित्सकों के साथ पूरा मामला साझा किया।
वहीं, चिकित्सकों की हड़ताल के चलते 50 फीसदी ओपीडी प्रभावित रही। जिसके कारण 1200 मरीजों को बिन उपचार के ही लौटना पड़ा। चिकित्सकों ने 11 बजे के बाद ओपीडी देखनी शुरू की। उसके बाद कक्ष के बाहर मरीजों की भीड़ लगी रही। उपचार से पहले किसी मरीज को तीन घंटे इंतजार करना पड़ा तो किसी को बिन उपचार लौटना पड़ा। दादरी जिले में चिकित्सकों के 92 पद स्वीकृत हैं जबकि 66 की तैनाती है। एसोसिएशन पदाधिकारियों के अनुसार जिले में सभी चिकित्सक हड़ताल पर रहे।
- चार्जशीट किए गए 5 चिकित्सकों में एक चरखी दादरी का
एनएचएम के तहत भर्ती पांच चिकित्सकों को चार्जशीट किया गया है। इनमें चरखी दादरी से डॉ. अभिषेक, झज्जर से डॉ. मोहित, रोहतक से डॉ. अन्नु, करनाल से डॉ. अंशुल और डॉ. अमन शामिल हैं। डॉ. अभिषेक की तैनाती गोपी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में है जबकि उन्हें हड़ौदी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का अतिरिक्त कार्यभार मिला हुआ है।
-पर्ची कटी न दवा मिली, दोनों काउंटर रहे बंद
सुबह आठ बजे सिविल अस्पताल समेत सभी अन्य स्वास्थ्य केंद्रों में ओपीडी शुरू होती है, लेकिन चिकित्सकों के हड़ताल पर होने के चलते 11 बजे तक मरीज न पर्ची बनवा पाए और न ही दवा ले पाए। चिकित्सकों के काम पर लौटने के बाद ही ये सेवाएं शुरू हो पाईं।
जानिये...किस स्वास्थ्य केंद्र की कितनी है ओपीडी और कितनी रही प्रभावित
स्वास्थ्य केंद्र- दैनिक ओपीडी, प्रभावित ओपीडी
सिविल अस्पताल-1200- 700
मातृ-शिशु अस्पताल-200-100
सीएचसी- 400-200
पीएचसी-600-200
मरीज बोले : सुबह आकर बैठे थे, उपचार हुआ न मिली दवा
- कलियाणा से बेटे विश्वजीत को दवा दिलाने सुबह 8 बजे सिविल अस्पताल आई थी। दस बजे तक भी कोई चिकित्सक नहीं आया है। दो घंटे से बैठी हूं जबकि बेटे का उपचार नहीं करवा पा रही हूं।
पिंकी, कलियाणा
- मेरे पैर में चोट लगी है, हड्डी रोग विशेषज्ञ के पास आई थी। सुबह साढ़े आठ बजे अस्पताल पहुंची थी, लेकिन डॉक्टर अपनी सीट पर नहीं है। हड़ताल खत्म होने पर ही उपचार करवा पाऊंगी।
बीरा देवी, पांडवान
एचसीएमएस के आह्वान पर तीन घंटे जिले के सभी चिकित्सक हड़ताल पर रहे। इस दौरान इमरजेंसी केस अटैंड किए गए जबकि ओपीडी बंद रखी गई। 11 बजे के बाद सामान्य दिनों की तरह ओपीडी शुरू कर दी गई।
-डॉ. आशीष मान, डिप्टी सीएमओ एवं जिला महासचिव, एचसीएमएसए